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आखिरकार क्यो गिड़गिड़ाए यह लोग… नहीं माना प्रशासन
उज्जैन | आगररोड एमआर-5 स्थित राधाकिशन मंदिर की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को हटाने के लिए शनिवार को पुलिस-प्रशासन व नगर निगम की टीम पहुंची। कार्रवाई के दौरान दल को रहवासियों के विरोध और हल्के पथराव का सामना भी करना पड़ा। पुलिस की सख्ती के चलते रहवासियों का विरोध अधिक समय तक नहीं चला और करीब चार घंटे की कार्रवाई में दर्जनों मकान व झोपड़ी जमींदोज कर दी गई।
राधाकिशन मंदिर की करीब ५ हेक्टेयर भूमि पर कई गरीब परिवार अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे थे। इनमें से परिवार लंबे समय से यहां रह रहे थे वहीं करीब ४० नए मकान भी तैयार हो गए थे। अतिक्रमण हटाने के लिए सुबह करीब ११ बजे एसडीएम सहित तहसीलदार सुदीप मीना, टीआई अरविंद तोमर व निगम वाहन प्रभारी उमेशसिंह बैस दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। दल ने जैसे ही मकानों को तोडऩे की कार्रवाई शुरू की, कई महिलाएं जेसीबी के सामने बैठ गई और विरोध शुरू कर दिया। रहवासियों का आरोप था कि उन्हें बिना पूर्व सूचना दिए ही घरों को तोडऩे की कार्रवाई की जा रही है। इस बीच कुछ रहवासियों ने दल पर हमला करने के लिए पत्थर भी उठा लिए।
इसको लेकर पुलिस ने सख्ती अपनाते हुए रहवासियों को जेसीबी के सामने से हटाया। इसके बाद अवैध मकानों को तोडऩे की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान मौके पर यह चर्चा भी रही कि कुछ लोगों द्वारा बाले-बाले इन परिवारों को अवैध रूप से शासकीय जमीन पर प्लॉट बेचे गए हैं। हालांकि किसी रहवासी ने इस संबंध में शिकायत नहीं की।
मकान टूटते देख मारे पत्थर
कार्रवाई के दौरान मकान टूटते देख करीब १.३० बजे पीछे के क्षेत्र में रह रहे कुछ रहवासियों का आक्रोश फूट पड़ा और उन्होंने जेसीबी व टीम पर पथराव शुरू कर दिया। जिस क्षेत्र से पथराव हुआ, पुलिस बल उस ओर दौड़ा लेकिन तब तक पथराव रुक चुका था। पथराव को लेकर पूछताछ के दौरान कुछ महिलाएं उग्र हो गईं। उन्होंने मकान खाली करने के लिए दो-तीन दिन का समय मांगा। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने की चेतावनी दी, जिसके बाद उनका विरोध ठंडा पड़ गया।
सौ से अधिक मकानों पर कार्रवाई
राधाकिशन मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन पूर्व में भी कार्रवाई कर चुका है। तब प्रभावित रहवासियों ने मामले को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद कार्रवाई रोक दी गई थी। बीते कुछ महीनों में मंदिर की रिक्त भूमि पर बड़ी संख्या में नए मकान व झोपड़ी बन गईं। यहां तक कि कार्रवाई के दिन भी चूने की लाइन से प्लॉट बने हुए पाए गए। दल ने कार्रवाई में करीब १२५ छोटे-बड़े मकान व झोपडिय़ों का अतिक्रमण हटाया है वहीं पूर्व के १५८ मकानों पर कोर्ट में प्रकरण प्रचलित होने से कार्रवाई नहीं की गई।
जेसीबी के सामने बेहोश हुई महिला
प्रशासन के निर्देश पर शुरुआत में ही कुछ परिवारों ने घर खाली करना शुरू कर दिया था लेकिन जब जेसीबी से घर तोडऩे की कार्रवाई शुरू की गई थी महिलाएं बच्चों के साथ जेसीबी के सामने बैठ गईं। एक बुजुर्ग महिला भी आक्रोशित होते हुए जेसीबी के सामने आ गई और अधिकारियों पर चिल्लाते-चिल्लाते बेहोश हो गईं। परिजनों ने उन्हें उठाकर एक ओर किया।