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- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
आज बराबर होंगे दिन आैर रात, 12-12 घंटे की अवधि
उज्जैन | सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण के कारण 23 सितंबर को सूर्य विषुवत रेखा पर लंबवत रहेगा। सूर्य के विषुवत रेखा पर लंबवत होने के कारण दिन आैर रात की अवधि बराबर रहेगी। शनिवार को दिन आैर रात की अवधि 12-12 घंटे की रहेगी। 23 सितंबर के बाद सूर्य दक्षिणी गोलार्द्ध एवं तुला राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य के दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश के कारण अब उत्तरी गोलार्द्ध में दिन धीरे-धीरे छोटे होने लगेंगे आैर रात की अवधि बढ़ने लगेगी। यह क्रम 22 दिसंबर तक चलेगा। इसके बाद 22 दिसंबर को भारत सहित उत्तरी गोलार्द्ध में दिन सबसे छोटा एवं रात सबसे बड़ी होगी। इधर सूर्य के दक्षिणी गोलार्द्ध में प्रवेश के कारण सूर्य की किरणों की तीव्रता उत्तरी गोलार्द्ध में कम होने लगेगी। इसे शरद ऋतु का प्रारंभ भी माना जाता है। शासकीय जीवाजी वेधशाला में शंकु यंत्र आैर नाड़ीवलय यंत्र के माध्यम से इस घटना को देखा जा सकेगा। शनिवार को शंकु की छाया पूरे दिन सीधी रेखा (विषुवत रेखा) पर गमन करती हुई दिखाई देगी।