- एक्ट्रेस कावेरी प्रियम ने महाकाल की भस्म आरती में की पूजा: बोलीं- यहां की ऊर्जा अद्भुत, 3 साल से आ रहीं उज्जैन!
- स्वस्ति वाचन से खुले पट; भांग-चंदन और पुष्पों से हुआ दिव्य श्रृंगार, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
- महाकाल की भस्म आरती में केंद्रीय मंत्री और क्रिकेटर पहुंचे: धर्मेंद्र प्रधान-उमेश यादव ने किया जलाभिषेक, दोनों ने लिया भगवान का आशीर्वाद
- 21 दिन बाद पहुंचा कनाडा में मारे गए छात्र गुरकीरत का पार्थिव शरीर: CM मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि, सरकार ने उठाया 40-50 लाख का खर्च
- महाकाल पर आज से शीतल जलधारा शुरू, 29 जून तक निरंतर चलेगी शीतल धारा
इंजीनिरिंग का छात्र नकल करते पकड़ाया, कॉपी फाड़ी:कुलसचिव ने संस्थान निदेशक से तलब की जानकारी
विक्रम विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में परीक्षा के दौरान एक छात्र को नकल करते पकड़ा तो हंगामा हो गया। वीक्षक ने छात्र की कॉपी बदली तो छात्र ने कॉपी ही फाड़ दी। मामला करीब 1 सप्ताह पुराना बताया गया है। कुलसचिव ने इस मामले में संस्थान के निदेशक से जानकारी मांगी है। इसके बाद कार्यवाही की जाएगी।
विक्रम विश्वविद्यालय में इन दिनों परीक्षाओं का दौर चल रहा है। विश्वविद्यालय के ही इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान में भी एमटेक फर्स्ट सेमेस्टर रेगुलर और एटीकेटी व सेकंड सेमेस्टर एटीकेटी के साथ ही बीटेक थर्ड सेमेस्टर रेगुलर और फोर्थ सेमेस्टर एटीकेटी की परीक्षाएं सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक संचालित हो रही है। करीब 1 सप्ताह पहले परीक्षा के दौरान इंजीनियरिंग के एक परीक्षार्थी को वीक्षक ने नकल करते हुए पकड़ लिया था। जिसको लेकर विभाग में पहले तो हंगामा हुआ। बाद में छात्र को जब नकल प्रकरण बनाकर दूसरी उत्तर पुस्तिका दी गई तो उसने उत्तर पुस्तिका फाड़ दी। हालांकि बताया जा रहा है कि हंगामा होने के बाद भी मामले को रफा-दफा करने के प्रयास किए गए।
कुलसचिव ने कहा, पूरी जानकारी मांगी है
कुलसचिव डॉ. प्रशांत पौराणिक को जानकारी मिली तो उन्होंने संस्थान निदेशक को पत्र देकर घटना की पूरी जानकारी मांगी है। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार पांडे का कहना है कि जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मामले में कुछ फाईल भी चली है। आश्चर्य की बात है यह कि इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कोई एक सप्ताह के बाद भी कार्रवाई नही होने के पीछे मामले को दबाने की बात सामने आ रही है। जबकि इस तरह की घटना के बाद तुरंत ही एफआईआर दर्ज की जाना थी।