- उज्जैन के गजनीखेड़ी में प्रशासन की चौपाल: कलेक्टर-SP ने रात गांव में बिताई, मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया
- सुबह 4 बजे खुले कपाट: बाबा महाकाल का दूध-दही-घी से अभिषेक, भक्ति में डूबे श्रद्धालु
- उज्जैन में दहेज प्रथा के खिलाफ मिसाल: दूल्हे ने लौटाए 50 लाख के कैश और सोना, सिर्फ अंगूठी ली
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर खुले चांदी द्वार, बाबा का हुआ पंचामृत अभिषेक
- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
उज्जैन में भी मिला था डेल्टा प्लस वैरियंट:कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मई में 2 मरीज मिले थे
देश में डेल्टा प्लस वैरियंट ने चिंता बढ़ा दी है। दावा है कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मई माह में उज्जैन में डेल्टा प्लस वैरियंट दस्तक दे चुका था। इसका खुलासा कलेक्टर आशीष सिंह ने किया है। कलेक्टर का कहना है कि मई माह में जब कोरोना चरम पर था, तब दंपती में डेल्टा प्लस वैरियंट की पुष्टि हुई थी। इनमें से पति को टीका लग चुका था। इस कारण वह ठीक हो गया, जबकि उसकी पत्नी ने टीका नहीं लगवाया था, उसकी एक हफ्ते में मौत हो गई।
कलेक्टर ने बताया कि जिन मरीजों में यह वैरियंट मिला था, उनकी कॉन्टैक्ट हिस्ट्री निकाली। इनके परिजन और मिलने वालों पर नजर बनाए हुए हैं। कॉन्टैक्ट में आने वालों की भी जांच कराई गई। हालांकि किसी में भी नया वैरियंट नहीं मिला।
नोडल अधिकारी डॉ. रौनक ने बताया कि 17 मई को संक्रमित मिले दंपती में नया वैरियंट मिला था। 6 दिन बाद यानी 23 मई को महिला मौत हो गई। वहीँ, 18 मई को भी डेल्टा प्लस वैरियंट वाला दूसरा मरीज यानी महिला का पति मिला, वह ठीक हो गया। बड़ी बात है कि मरने वाले मरीज ने वैक्सीन का एक भी डोज नहीं लगवाया था, जबकि स्वस्थ होने वाला मरीज टीका लगवा चुका था।