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कमाल की सेटिंग, 84 सेकंड रुको, 13 में निकलो
उज्जैन– शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इस कदर बदहाल है कि यातायात को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए ट्रैफिक सिग्नल का समय इतना कम है कि माधव क्लब से आने वाले ट्रैफिक को चौराहा क्रॉस करने में केवल 8 सेकंड का समय मिलता है और 4 सेकंड में ऑरेंज सिग्नल के बाद वाहन चालक की मजबूरी हो जाती है बीच चौराहे पर रुकना।
शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक तीन बत्ती चौराहे पर यातायात सिग्नल का कुप्रबंध देखने को मिलता है। इस सिग्नल को संचालित करने में आ रही तकनीकी खामी को ठीक नहीं किया जा सका है। इसके चलते वाहन चालकों के बीच दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है। हालात ये रहते हैं कि एक ओर का ट्रैफिक पूरी तरह से क्लियर तक नहीं हो पाता है और दूसरी ओर से सिग्नल ग्रीन हो जाता है।
इसके कारण चोराहे पर अक्सर वाहन चालकों के बीच दुर्घटना की स्थिति बनती है। चौराहे पर तैनात ट्रैफिक जवान भी एक तरफ मोटरसाइकिल पर बैठे रहते हैं और चौराहे पर ट्रैफिक भगवान भरोसे चलता रहता है।
माधव क्लब की ओर से आने वाले वाहनों को तीन बत्ती चौराहे पर जाम की स्थिति में रुकना पड़ता है क्योंकि टॉवर की तरफ जाने वाले वाहन और देवास रोड की ओर आने वाले वाहनों के लिए सिग्नल रेड होते हैं तो दोनों ओर के वाहन एक साथ रुक जाते हैं और जैसे ही ग्रीन होते हैं एक साथ दोनों ओर के वाहन छूटते हैं जिससे जाम की स्थिति बनती है।