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कार्यक्रम में कवियों ने काव्य पाठ भी किया।
राष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक है हिंदी- डॉ. बुधौलिया
उज्जैन | हिंदी हमारे राष्ट्र गौरव, आन-बान और अस्मिता का प्रतीक है। आज हिंदी विश्व स्तरीय मान्यता प्राप्त भाषा हो चुकी है। यह बात ऋचा विचार मंच, प्रबुद्ध परिषद व पेंशनर्स वरिष्ठ नागरिक संस्था के हिंदी सप्ताह अंतर्गत हुए हिंदी दिवस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. हरिमोहन बुधौलिया ने कही। स्वागत उद््बोधन अध्यक्ष महेश ज्ञानी ने दिया। सुरेंद्र खंडेलवाल ने बताया शशिमोहन श्रीवास्तव, डॉ. अजय खुर्शीद, डॉ. क्षमा सिसौदिया, डॉ. पुष्पा चौरसिया, डॉ. विष्णुप्रसाद कचौले, मंजु गौतम, एचआर राठौर, नवीन आचार्य ने रचना प्रस्तुत की। काव्यपाठ का संचालन डॉ. पिलकेंद्र अरोरा ने किया। कार्यक्रम में आरसी शर्मा, अरविंद भटनागर, ज्ञान भार्गव, शीला व्यास, घनश्याम केवलिया मौजूद थे। संचालन हरिहर शर्मा ने किया। आभार रमेश खरे ने माना।