- 40° के पार तापमान, फिर भी नहीं थमी आस्था: महाकाल में रोज 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालु; पहली बार महाकाल लोक में शुरू हुआ फोगिंग सिस्टम
- उज्जैन की 5 माह की बच्ची SMA-1 से जूझ रही: 15 करोड़ के इंजेक्शन के लिए जंग, सोनू सूद ने बढ़ाया हाथ; भोपाल एम्स में चल रहा इलाज
- 15 साल पहले खत्म हो चुकी थी लीज; हाईकोर्ट से स्टे हटते ही UDA का एक्शन, बेगमबाग में 5 मकान तोड़े; अब तक 30 से ज्यादा निर्माण हटाए जा चुके
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: स्वस्ति वाचन के बाद खुले पट, पंचामृत अभिषेक के बाद पुष्पों से दिव्य श्रृंगार
- सप्तसागर विकास को गति देने के निर्देश: निगम आयुक्त ने चार प्रमुख जलाशयों का किया निरीक्षण, गहरीकरण-सौंदर्यीकरण पर जोर
कोरोना संकट:297 से ज्यादा मरीज ऑक्सीजन पर हैं, इंतजार करो कोई खाली हो जाएगा तो आपको लगा देंगे
कोरोना की दूसरी लहर में मरीजों के फेफड़ों में इंफेक्शन बढ़ने के साथ ही ऑक्सीजन लेवल घट रहा है। ऐसे में अधिकांश मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। शहर के कोविड अस्पतालों में में 297 से ज्यादा ऐसे मरीज हैं जिन्हें ऑक्सीजन पर रखा गया है। ऐसे में दूसरे मरीजों को ऑक्सीजन पर रखने के लिए एचडीयू के खाली होने का इंतजार करना पड़ता है।
वार्ड में देखा जा रहा है कि बेड खाली हो तो नए मरीज को भर्ती कर सकें। हालात ऐसे हो गए हैं कि यदि किसी मरीज को हॉस्पिटल में भर्ती करवाने के लिए ले जाया है तो सबसे पहले हॉस्पिटल प्रबंधन का सवाल होता है मरीज का ऑक्सीजन लेवल कितना है। ऑक्सीजन पर रखने जैसी स्थिति को देखते हुए हॉस्पिटल प्रबंधन मरीज दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह देते हैं।
गीता कॉलोनी में रहने वाली महिला 39 साल व उनकी भतीजी उम्र 17 को भी परिवार के लोग आरडी गार्डी मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे थे, यहां उनसे पहले ही कह दिया गया कि ऑक्सीजन के लिए बेड उपलब्ध नहीं है। मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता नहीं है तो उन्हें यहां भर्ती कर सकते हैं। उसके बाद परिवार के लोगों ने प्राइवेट अस्पताल में संपर्क कर मरीजों को भर्ती करवाया।
ये है उज्जैन का सरकारी आंकड़ा
नए पॉजिटिव 317
नई मौतें 0
और ये है हकीकत
- 300 से ज्यादा कोरोना मरीज अस्पतालों में संदिग्ध बने क्योंकि निजी लैबों से समय पर नहीं आ रही रिपोर्ट, तब तक मरीज कई लोगों को कर रहे संक्रमित, नतीजा- 2 श्मशानों पर 2 दिन में शव जले 84
राहत का ऑक्सीजन, चरक में प्लांट शुरू, माधवनगर में भी तैयारी
- राहत भरी खबर है कि सोमवार से चरक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो गया है। इसमें 24 घंटे के भीतर 175 सिलेंडर तैयार हो सकेंगे। मरीजों को सतत ऑक्सीजन मिलती रहेगी। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को चरक अस्पताल व माधव नगर अस्पताल पहुंचकर कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य के बारे में जाना। मंत्री डॉ. यादव ने कहा माधव नगर अस्पताल में भी प्लांट लगाने की कोशिश की जाएगी।
बेड भर चुके, अब सिर्फ रैफर कर रहे
मेडिकल कॉलेज के प्राइवेट वार्ड में बाय पैप मशीन लगाई जा रही है ताकि यहां भी गंभीर मरीजों को भर्ती रखा जा सके। माधवनगर अस्पताल में तो सभी बेड भर चुके हैं, यहां आने वाले मरीजों को आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज अस्पताल या अमलतास अस्पताल देवास भेजा रहा है। कोविड विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर में एक मरीज सात लोगों को संक्रमित कर रहा है, जिससे संक्रमण की दर लगातार बढ़ती जा रही है। मरीज बढ़ेंगे और मुश्किल बढ़ेगी।