- उज्जैन में शीतला माता पूजन का उत्साह, मंदिरों में उमड़ी महिलाओं की भीड़; एक दिन पहले तैयार किया जाता है भोजन
- महाकाल मंदिर में टीवी अभिनेत्री कनिका मान ने किए दर्शन, भस्म आरती में हुईं शामिल
- राजा स्वरूप में सजे बाबा महाकाल, भस्म अर्पित होते ही गूंजा ‘जय श्री महाकाल’; बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- वीरभद्र जी को स्वस्ति वाचन के बाद शुरू हुई भस्म आरती, शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल
- रंगपंचमी पर महाकाल मंदिर में बदली व्यवस्था, भस्म आरती में सिर्फ एक लोटा केसर रंग अर्पित होगा; भक्तों को रंग लाने की नहीं होगी अनुमति!
चार महीने में विवाह के 45 शुभ मुहूर्त, जून माह में 18, जुलाई में सिर्फ तीन
उज्जैन । विवाह मुहूर्त 16 अप्रैल से शुरू हो गए, जो 3 जुलाई तक रहेंगे। इन चार महीनों में 45 दिन मुहूर्त है। सर्वाधिक 18 मुहूर्त जून में है। सबसे कम 3 मुहूर्त जुलाई में रहेंगे। सबसे अधिक जोड़े अक्षय तृतीया पर 29 अप्रैल को दांपत्य सूत्र में बंधेंगे। इसके बाद 2 जुलाई को भड़ली नवमी पर भी बड़ी संख्या में विवाह होंगे। अक्षय तृतीया और भड़ली नवमी अबूझ मुहूर्त माने जाते हैं।
पं. श्यामनारायण व्यास के मुताबिक अक्षय तृतीया को मानने को लेकर पंचांगों में विभिन्न सामने आने से लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसी पंचांग में 28 अप्रैल और किसी में 29 अप्रैल है। ज्यादातर पंचांगों में 28 अप्रैल की अक्षय तृतीया को सर्वश्रेष्ठ माना है। इस दिन मांगलिक व शुभ कार्यों की शुरुआत भी की जा सकती है। इस दिन भगवान विष्णु का अभिषेक कर विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी।
किस महीने में कितने मुहूर्त
अप्रैल :16, 17, 18, 19, 23, 28, 29 व 30,
मई : 4, 6, 7, 8, 9,10, 11, 12, 13, 15, 16, 21, 22, 26, 27, 31,
जून : 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10,11, 12, 17, 18, 19, 22, 27, 30, जुलाई : 1, 2, 3
नवंबर-दिसंबर में 15 दिन मुहूर्त
साल के अंतिम दो माह नवंबर-दिसंबर में 15 दिन ही विवाह के मुहूर्त रहेंगे। इसके पूर्व 31 अक्टूबर को देवउठनी एकादशी पर विवाह होंगे पर इनकी संख्या कम रहेगी। इसके बाद नवंबर में 19 से 23 व 27 से 30 तक और दिसंबर में 3,4,5,9 व 10 तारीख को विवाह मुहूर्त रहेंगे।