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थोक में 20 रुपए किलो खरीदे टमाटर, 50 रुपए में बेच रहे
यदि आप संयुक्त परिवार में रहते हैं और सप्ताहभर के लिए सब्जी खरीदने निकले हैं तो जरा बाजार टटोलकर खरीदी कीजिए। इसलिए कि मंडी में थोक में जो टमाटर 20 रुपए व भिंडी 10 रुपए किलो बिक रही हैं। खेरची में वहीं टमाटर 50 और भिंडी 40 रुपए किलो बेची जा रही हैं।
सब्जियों की भरपूर आवक के बावजूद बारिश की खेंच का फायदा उठाते हुए फूटकर व्यापारी दो से तीन गुना तक दाम वसूल रहे हैं। व्यापारी दबी जुबान से कहते हैं कि उपभोक्ता दो-चार दुकानों पर घुमेे व भाव करे तो उसे 5 से 10 किलो सब्जी लेने पर 100 से 150 रुपए का फायदा हो सकता है।
देखे ये उदाहरण आप समझ जाएंगे कैसे चपत लग रही
रामवास के किसान भूपेंद्र सिंह सोमवार को मंडी में 5-5 किलो की भिंडी की टोकर लेकर आए थे। थोक में एक टोकर 50 रुपए की बिकी। यानी 10 रुपए किलो। दस-बीस कदम दूरी पर खेरची में उसी भिंडी की कीमत 30 से 40 रुपए हो गई। कमीशन एजेंट दिलीप गोयल का तर्क था- कच्चे धंधे में ऐसा ही होता है।
धनिया 200 से 250 रुपए किलो तक बिक रहा
मंडी में हरा धनिया थोक में 100 से 150 रुपए किलो तक में बिका जो खेरची में 200 से 250 रुपए किलो तक में बिक रहा है। थोक में 20 से 25 रुपए किलो बिके नीबू के दाम खेचरी में 40 से 60 रुपए हो गए। मीडियम साइज का गोभी 50 से 60 रुपए में बिक रहा हैं, थोक में इसकी कीमत 25 से 35 रुपए तक रही।
भावाें काे लेकर अध्यक्ष बोले- नफा देखना पड़ता
मक्सी रोड सब्जी मंडी के अध्यक्ष राजेश हारोड व्यापारियों का पक्ष लेते हुए कई तर्क गिनाते हैं। कहते हैं कि बड़ा कारण तो ये ही कि ये कच्चा धंधा है। बारिश में सब्जी खराब जल्दी होती हैं तो छोटे व्यापारी नफा-नुकसान देखकर ही उसे बेचने की कीमत तय करते हैं। जितनी सब्जी वे ले रहे हैं जरूरी नहीं कि सब समय रहते बिक ही जाए। इसके अलावा उन्हें आगे का रोटेशन भी चलाना रहता है। ये परिस्थितयां हैं जो कीमत प्रभावित कर रही हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि बारिश होने लगेगी तो आवक और बढ़ेगी और कीमत भी कम होने लगेगी।