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दूसरे डोज को लेकर पहली सख्ती:उज्जैन में अब दुकानों पर वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र लगाना जरूरी
उज्जैन में दुकानों पर अब कोरोना के दोनों डोज का फाइनल प्रमाण पत्र चस्पा करना जरूरी कर दिया है। नगर निगम आयुक्त ने कहा कि शहर की दुकानों और प्रतिष्ठानों पर काम करने वाले कर्मचारियों व स्टाफ के साथ संचालकों को भी वैक्सीन के फाइनल डोज का प्रमाण पत्र लगाना होगा। जिन दुकानों या प्रतिष्ठानों पर प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में प्रशासन ने अब दूसरे डोज पर जोर देना शुरू कर दिया है। दूसरे डोज के दूसरे महाअभियान में बुधवार को 35 हजार लोगों को दूसरा डोज लगाया गया। इसमें कुछ लोगों को पहला डोज भी लगाया लेकन इनकी संख्या बहुत कम है। जिले में अब पहला डोज लगाने वालों की संख्या 14 लाख 55 हजार है जबकि दूसरा डोज लगाने वालों की संख्या 8 लाख 93 हजार से आगे निकल गई है। जबकि उज्जैन में अब तक 23 लाख 45 हजार कुल डोज लगाए गए हैं।
उज्जैन में कोरोना को बूस्ट करने के लिए कलेक्टर आशीषसिंह ने बुधवार को अफसरों को फील्ड में तैनात किया था। उज्जैन में 57 अफसरों की ड्यूटी लगाते हुए उन्हें 30-30 घरों में जाकर कोरोना वैक्सीन की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए थे। कलेक्टर आशीषसिंह ने बताया कि इसका असर ये हुआ कि जमीनी कर्मचारी और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने भी मोर्चा संभाला।
इसी वजह से दूसरे डोज के महाअभियान में 35 हजार वैक्सीन लगाने का टारगेट हासिल कर सके। कलेक्टर ने कहा कि दिसंबर के महीने में हम उज्जैन की शत प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से कोरोना वैक्सीन लगा देंगे।