- महाकाल मंदिर पहुंचे सुनंदा शर्मा और मनीष मल्होत्रा: नंदी हॉल से किए दर्शन, लिया आशीर्वाद
- एक्ट्रेस सारा अर्जुन ने महाकाल में की भस्म आरती: सुबह 4 बजे पहुंचीं, 2 घंटे तक रहीं शामिल
- श्री महाकालेश्वर मंदिर में तड़के भस्म आरती, दिव्य श्रृंगार के साथ हुए बाबा महाकाल के दर्शन; आरती में शामिल हुए हजारों श्रद्धालु
- पंचकोशी यात्रा 12 अप्रैल से: 2 दिन पहले ही उज्जैन पहुंचने लगे श्रद्धालु, हर साल 2-3 लाख की भागीदारी
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक के बाद हुआ दिव्य श्रृंगार, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
नई टेक्नालॉजी से होगी पैंकिंग:अब दुग्ध संघ का पेड़ा एक महीने तक खराब नहीं होगा
महामारी के दौर में परेशानियों के बीच उज्जैन दुग्ध संघ ने अपने प्रोडक्ट का बढ़ावा देने के लिए एक कदम और बढ़ाया है। यह कि संघ में मैप मशीन लगवाई है। यह मशीन नई व आधुनिक तकनीकी से पैकिंग करने की है। इससे दुग्ध संघ में तैयार होने वाले पेड़े को पैक किया जाएगा। संघ के सीईओ डीपी सिंह ने बताया कि अब तक जो पेड़े यहां तैयार किए जाते थे वे चार दिन उपयोग के लायक रहते थे और बाद में खराब होने लगते थे। लेकिन मैप मशीन से पैकिंग के बाद पेड़े एक महीने तक भी खराब नहीं होंगे। इससे जहां संघ डिमांड के आधार पर पेड़े बनाकर संभाग के अन्य जिलों में भी भेज सकेगा
वहीं उपभोक्ता भी इन्हें लंबे समय तक स्टोर कर उपयोग कर सकेंगे। सिंह ने बताया कि पेड़े की डिमांड त्योहार व शादियों के दिनों में बढ़कर टनों में रहती थी लेकिन जल्दी खराब होने के कारण इन्हें ज्यादा मात्रा में नहीं बनवाया जाता था। औसतन 70 से 80 किलो पेड़ा रोज बेच रहे थे लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। जितने आर्डर मिलेंगे सभी की पूर्ति करेंगे। मैप मशीन खासकर पेड़े की पैकिंग के लिए ही लगवाई गई है। दुग्ध संघ का पेड़ा 320 रुपए किलो है। नई पैकिंग के बाद भी कीमत यही रहेगी।