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नवजात की हत्या करने वाले पिता को आजीवन कारावास
उज्जैन। नवजात बालिका को लालपुल स्थित शिप्रा नदी में फेंककर निर्मम हत्या करने के आरोप में न्यायालय ने उसके पिता को आजीवन कारावास एवं ५००० रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। आगर रोड स्थित गांधीनगर निवासी शराफत अली, पिता असमत अली ने १२ दिसम्बर २०१६ को नवजात बालिका को लालपुल के समीप ले जाकर शिप्रा नदी में फेंक दिया था। मामले में नीलगंगा पुलिस ने १६ दिसंबर २०१६ को आरोपी शराफत अली को गिरफ्तार किया और उसके बाद विवेचना की। फिर न्यायालय में चालान पेश किया गया।
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संजय सिंह ने शराफत अली को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं ५००० रुपए की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रकरण की साक्षी आरोपी की पत्नी यासीन बी के विरुद्ध धारा ३४४ जापो के अंतर्गत कार्रवाई करने का आदेश प्रदान किया। प्रकरण की विवेचना नीलगंगा थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक केएस गेहलोत द्वारा की गई। जबकि न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी सूरज बछेरिया ने की।