- उज्जैन में दिव्यांग दंपती ने मांगी सुरक्षा, बोले- FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ घूम रहे; कलेक्टर जनसुनवाई में लगाई न्याय की गुहार
- इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने उज्जैन में हनीट्रैप, युवक का अपहरण कर अश्लील वीडियो से करोड़ों जैसी वसूली की कोशिश, 10 आरोपी गिरफ्तार
- नागदा के सरकारी कॉलेजों के छात्रों ने परिणाम पर उठाए सवाल, 47 विद्यार्थियों को कम अंक और सप्लीमेंट्री मिलने पर विश्वविद्यालय में किया प्रदर्शन
- दिल्ली छात्र प्रदर्शन के समर्थन में उज्जैन में विरोध प्रदर्शन: कैंडल मार्च के साथ 25 जुलाई को बड़े मार्च की तैयारी
- 'रक्तांचल-3' की स्टारकास्ट ने महाकाल मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में शामिल होकर लिया बाबा का आशीर्वाद
नववर्ष के स्वागत में घर पर ही बजाएं शंख-झालर, घंटी-ताली
Ujjain News: चैत्र नवरात्रि पर देवी मंदिरों में सामान्य पूजा, नहीं हो अधिक भीड़
कोरोना वायरस के प्रभाव और खतरे से बचने के लिए हर व्यक्ति को घर में रहने की अपील की जा रही है। २५ मार्च को हिंदू नववर्ष आरंभ हो रहा है। इस दिन रामघाट पर प्रतिकात्मक पूजा होगी, वहीं नागरिकों से कहा जा रहा है कि वे अपने घरों में रहकर ही शंख-झालर, घंटी-ताली आदि बजाकर नववर्ष का स्वागत करें। वहीं नवरात्रि पर्व पर मंदिरों में अधिक भीड़ न हो, ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं।
चैत्र प्रतिपदा पर हर वर्ष रामघाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुबह एकत्रित होकर नए साल के सूर्य की प्रथम किरण को अघ्र्य प्रदान करते हैं। मंत्रोच्चारण और शंखध्वनि से नए साल का स्वागत होता है, नीम-मिश्री का प्रसाद बांटा जाता है, लेकिन इस बार प्रतिकात्मक रूप से ही पूजन-अर्चन किया जाएगा। यह बात ज्योतिर्विद पं. आनंदशंकर व्यास ने कही। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का प्रभाव रोकने के लिए अधिक भीड़ नहीं करना है। लोग भी अपने-अपने घरों में नए साल का स्वागत सुबह 7.27 मिनट पर सूर्य को अघ्र्य प्रदान कर शंख, झालर आदि बजाएं, जिससे परंपरा का निर्वाह भी हो जाएगा और इस ध्वनि के प्रभाव से कोरोना भी दूर होगा।
सामान्य पूजा ही होगी
नवरात्रि पर देवी मंदिरों में सामान्य पूजा-पाठ ही होंगे। चामुंडा माता मंदिर के पुजारी पं. शरद चौबे ने कहा कि हम प्रशासन के साथ हैं और कोरोना को फैलने से रोकने सुबह-शाम सामान्य पूजा ही करेंगे। इसी प्रकार हरसिद्धि, गढ़कालिका, चौबीस खंभा माता व अन्य देवी मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ न हो, ऐसा सभी संकल्प लें कि घर में रहकर ही पूजन आदि करें। स्थिति सामान्य हो, तब ही दर्शन करने मंदिर आएं।