बड़नगर वैन विस्फोट मामला पहुंचा हाईकोर्ट, NIA-CBI जांच और धार्मिक जुलूसों के लिए सुरक्षा नियम बनाने की मांग

उज्जैन जिले के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से ऊंचाई पर लटकाई गई वैन में हुए कथित विस्फोट का मामला अब मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की निगरानी में पहुंच गया है। इस घटना को लेकर दायर जनहित याचिका में मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।

हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में दायर जनहित याचिका में मांग की गई है कि यदि मामला कानूनी प्रावधानों के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अधिकार क्षेत्र में आता है तो जांच उसी से कराई जाए। यदि ऐसा संभव नहीं हो तो जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने पर विचार किया जाए। याचिका में कहा गया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों का स्पष्ट पता चल सकेगा।

याचिका में केवल जांच एजेंसी बदलने की मांग ही नहीं की गई है, बल्कि भविष्य में धार्मिक जुलूसों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की आवश्यकता भी बताई गई है। इसमें राज्य सरकार से सभी धार्मिक आयोजनों के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का अनुरोध किया गया है, ताकि बड़े आयोजनों में सुरक्षा संबंधी नियम पहले से तय हों और किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके।

प्रस्तावित SOP में आयोजन की पूर्व अनुमति, सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, भीड़ नियंत्रण, जोखिम का आकलन, आपातकालीन व्यवस्था, संवेदनशील गतिविधियों की निगरानी तथा स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता का मानना है कि ऐसे दिशा-निर्देश भविष्य में इसी प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने में सहायक हो सकते हैं।

याचिका में यह भी कहा गया है कि जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल करें कि घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं। यदि किसी प्रकार की योजना, लापरवाही या अन्य कारण सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। याचिका में यह भी अनुरोध किया गया है कि घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की वैज्ञानिक और तकनीकी जांच कराई जाए।

मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया है। अदालत ने सरकार से आवश्यक जानकारी और निर्देश प्राप्त कर जवाब प्रस्तुत करने को कहा है। अब अगली सुनवाई में सरकार के जवाब और अन्य पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।

यह मामला उस घटना से जुड़ा है, जो 23-24 जून की दरम्यानी रात बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान सामने आई थी। आरोप है कि एक वैन को क्रेन की सहायता से करीब 40 फीट की ऊंचाई पर लटकाया गया, जिसके बाद उसमें कथित विस्फोट हुआ। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद थे। विस्फोट के बाद वैन के कांच और धातु के टुकड़े नीचे गिरे, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठे। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला व्यापक चर्चा का विषय बन गया।

घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की गई और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया। पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जांच जारी है।

अब इस पूरे प्रकरण पर सभी की नजर हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई पर है। अदालत के निर्देशों के बाद यह स्पष्ट होगा कि मामले की जांच किस एजेंसी के पास रहेगी और धार्मिक जुलूसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भविष्य में किस प्रकार के दिशा-निर्देश लागू किए जा सकते हैं। इस सुनवाई से न केवल इस मामले की जांच की दिशा तय होगी, बल्कि बड़े सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।

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