- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
भादौ की पहली सवारी में भक्तों को पांच रूपों में होंगे महाकाल के दर्शन
उज्जैन। भादौ मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकलेगी। भक्तों को अवंतिकानाथ महाकाल के पांच रूपों में दर्शन होंगे।
राजाधिराज महाकाल चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरूड़ पर शिव तांडव, नंदी पर उमा-महेश व रथ पर होल्कर रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे। इसके बाद 3 सितंबर को महाकाल की शाही सवारी निकलेगी। इस दिन जन्माष्टमी का पर्व भी रहेगा।
दोपहर 3.30 बजे सभा मंडप में पूजन के बाद शाम 4 बजे राजा की पालकी शिप्रा तट की ओर रवाना होगी। महाकाल घाटी, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शाम 5 बजे सवारी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचेगी।
यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा अर्चना करेंगे। पूजन पश्चात सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर, ढाबारोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए शाम करीब 7 बजे पुन: मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद संध्या आरती होगी।