- सिंहस्थ-2028 की तैयारियां तेज: उज्जैन में सभी ऑटो-ई-रिक्शा के लिए यूनिक आईडी अनिवार्य, तय शिफ्ट में ही होगा संचालन
- उज्जैन के रामघाट पर शिप्रा आरती के दौरान विवाद: दीपक बेचने को लेकर महिलाओं और पुजारियों में मारपीट, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 01-07-2026
- महिदपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा 4 महीने से फरार बदमाश, कच्ची महुआ शराब के साथ किया गिरफ्तार
- उज्जैन में रेलवे ट्रैक पर कॉन्ट्रैक्टर का शव मिलने से सनसनी: मॉर्निंग वॉक के दौरान हादसे की आशंका, पुलिस सभी एंगल से कर रही जांच
महाकाल की पहली सवारी निकली:कार्तिक माह में नगर भ्रमण कर मंदिर लौटे महाकाल
उज्जैन के राजा महाकाल समय-समय पर अपने भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण कर मंदिर लौट आए। सावन भादौ माह, दशहरा पर्व व दीपावली के बाद आज कार्तिक अगहन माह में बाबा महाकाल ठीक शाम 4 बजे मंदिर प्रांगण से शाही ठाठ बाट के साथ भक्तों का हाल जानकर वापस मंदिर लौट आए।
कोविड के नियमों के चलते विगत 2 वर्षों से बनाए गए नए रुट पर बाबा महाकाल मंदिर से बड़ा गणेश, नृसिंहः घाट होते हुए शिप्रा घाट पहुंची, जहां उनका पूजन अभिषेक किया गया।
जिसके बाद बाबा क्षिप्रा के राम घाट से रामानुजकोट आश्रम, हरिसिद्धि माता मंदिर होते हुए बड़ा गणेश व अंत में महाकाल मंदिर लौटी।
सवारी के पहले मंदिर प्रांगण में महाकाल का पूजन व अभिषेक मंदिर प्रशासक गणेश धाकड़ ने किया। आरती के बाद मंदिर प्रांगण से महाकाल की सवारी निकली।
मंदिर के मुख्य गेट पर सबसे पहले बाबा को पुलिस बल द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्तिक माह में निकलने वाली सवारी के लिए भक्तों पर प्रतिबंध नहीं होने के चलते इस बार भक्तों को सवारी के दर्शन करने का लाभ मिला। मंदिर के पुजारी दिनेश गुरु ने बताया कि बाबा की पालकी मंदिर से शिप्रा नदी तक पहुंचेगी व वहां बाबा का पूजन अभिषेक कर पालकी में ही मंदिर लाया गया।