- महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन में हाई अलर्ट: देवास गेट से रेलवे स्टेशन तक संयुक्त सर्च ऑपरेशन, 100 पुलिसकर्मी पांच टीमों में तैनात
- महाशिवरात्रि पर महाकाल दर्शन के लिए डिजिटल कंट्रोल रूम, गूगल मैप से तय होगा आपका रास्ता: जाम लगते ही मैप से गायब होगा रूट, खाली पार्किंग की ओर मोड़ दिया जाएगा ट्रैफिक
- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
महाकाल की सवारी वेबसाइट पर नहीं देख पाए श्रद्धालु:भक्त हुए मायूस,दुनिया भर के श्रद्धालु सवारी के दर्शन का लाभ लेते थे
उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण-भादौ माह में निकलने वाली सवारी को वेबसाइट के लाइव दर्शन के माध्यम से दुनिया भर के श्रद्धालु दर्शन लाभ लेते थे। इस बार वेबसाइट में सवारी दर्शन की सुविधा नही होने से दुनिया भर के बाबा महाकाल के भक्तों को मायूसी रही। हालांकि मंदिर समिति ने फेसबुक से सवारी के लाइव दर्शन की व्यवस्था की थी।
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति की अपनी अधिकृत वेबसाइट है। इसके माध्यम से श्रद्धालु भगवान महाकाल के लाइव दर्शन करने के साथ ही भस्म आरती बुकिंग, शीघ्र दर्शन बुकिंग करने के साथ ही प्रसाद भी ऑनलाइन मंगवाते है। मंदिर की अधिकृत वेबसाइट होने से दुनिया भर के श्रद्धालु इसका उपयोग करते है। इस बार बाबा महाकाल की श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली सवारी के लाइव दर्शन इस वेबसाइट से नही हो पा रहे है।
वेबसाइट में टेक्नीकल परेशानी
मंदिर के सूत्रों का कहना है वेबसाइट से सवारी के लाइव दर्शन नही हो पाने के कुछ टेक्नीकल कारण है। वहीं पहली सवारी के लिए भी मंदिर समिति की ओर से फेसबुक पर लाइव दर्शन कराने का इंतजाम किया है। इसके बाद भी जो लोग फेसबुक से नही जुड़े है वे वेबसाइट के माध्यम से दुनिया के किसी भी कोने से दर्शन लाभ ले लेते थे। इस बार की व्यवस्था बदलने से सवारी दर्शन नही होने से श्रद्धालु मायूस हुए है। अधिकारियों का कहना है कि वेबसाइट पर लाइव सवारी दर्शन को लेकर चर्चा कर सुविधा देने का प्रयास करेंगे। बता दें कि बीते दो वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण श्रद्धालुओं को दर्शन करने आने की अनुमति नही थी। उस दौरान लाइव दर्शन ही एक मात्र विकल्प था।