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महापौर ने 2 बार, पार्षद ने 17 बार दौरा किया:200 साल पुरानी महावीर नगर की बावड़ी का फिर भी उद्धार नहीं
वार्ड नंबर दो के महावीर नगर में 200 साल पुरानी बावड़ी निगम के अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ी हुई है। सालों से इसकी सफाई नहीं हुई, जिससे पानी बदबू मार ही रहा है। लोगों के लिए यह कचरा घर बन गया है। महापौर ने दो बार तो पार्षद ने 17 बार यहां का दौरा किया लेकिन इसकी सफाई नहीं हो पाई है। पिपली नाका स्थित महावीर नगर की रामदेव की बावड़ी लापरवाही की भेंट चढ़ी हुई है। रहवासी आनंद तिलोरिया, महेश राठौर, मनोज राठौर और ओम सांखला कहते हैं कि यह बावड़ी 150 फीट गहरी है, जिसकी साफ सफाई हो जाए तो क्षेत्र में जलप्रदाय आसानी से किया जा सकता है लेकिन हालात यह है कि सालों से किसी ने इस तरफ झांका नहीं, जिससे इसकी बाउंड्रीवाल भी टूट गई है।
बाउंड्रीवाल नहीं होने से कभी भी हादसा हो सकता है। पार्षद हेमंत गेहलाेत ने बताया कि मैं वार्डवासियों के साथ हूं। महापौरजी ने भी यहां का दौरा किया और अफसरों को निर्देश दिए थे कि बावड़ी को सही किया जाए लेकिन किसी अफसर ने गंभीरता से नहीं लिया। फिर से इस संबंध में अफसरों से बात करूंगा ताकि समस्या का समाधान जल्द हो जाए। महापौर मुकेश टटवाल ने कहा मैंने बावड़ी का निरीक्षण किया था और अफसरों को निर्देश दिए थे कि बावड़ी को सही किया जाए। कभी भी हादसा हो सकता है। अफसरों ने क्या किया। इस संबंध में जवाब लेता हूं। बावड़ी को जल्द सही कराया जाएगा।