- महाकाल की नगरी उज्जैन में RSS का ऐतिहासिक हिंदू सम्मेलन अभियान, 65 बस्तियों में एक साथ आयोजन का लक्ष्य
- महाकाल की नगरी में विदेशी पक्षियों का डेरा, उज्जैन के तालाबों में दर्ज हुईं 67 पक्षी प्रजातियाँ
- Ujjain Latest News: हिंदू सम्मेलन के संदेश को लेकर तीनबत्ती चौराहा पर हुआ सांस्कृतिक आयोजन, मंथन स्टूडियो और उज्जैन लाइव ने किए 2 गीत लॉन्च!
- इंडस्ट्रियलाइजेशन के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रधानमंत्री मोदी के सच्चे अनुयाई: अमित शाह
- नंदी हाल से गर्भगृह तक गूंजे मंत्र—महाकाल के अभिषेक, भस्मारती और श्रृंगार के पावन क्षणों को देखने उमड़े श्रद्धालु
युवक की हत्या के चार आरोपी मऊ में पकड़ाए
उज्जैन। भूखी माता के पास युवक की हत्या के चारों आरोपी मऊ में फरारी काट रहे थे। मऊ पुलिस ने उन्हें एक फार्म हाउस से पकड़ा है। आरोपियों को लेने के लिए बुधवार को एक दल मऊ जाएगा।
बहादूरगंज निवासी मोनू ठाकुर की हत्या के मामले में महाकाल पुलिस सोनू परमार उर्फ टूईय्या, पंकज, गोलू और अंकित को तलाश रही थी। आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने उनके परिजनों को भी थाने में बैठा रखा था।
इसी बीच चारों को मऊ स्थित बडग़ोला थाना पुलिस ने एक फार्म हाउस से धरदबोच लिया है। एएसपी अमरेंद्रसिंह ने चारों के गिरफ्त में लेने की बात तो स्वीकार की है। हालांकि महाकाल पुलिस को सुबह तक यह जानकारी नहीं मिली थी, लेकिन अब वे आरोपियों को लाने की तैयारी में जुट गए। सर्वविदित है कि लेन-देन के विवाद में सोमवार शाम चारों ने मोनू की हत्या कर दी थी।
एक दिन पहले चाहते थे मारना : पुलिस को अब तक मिली जानकारी के अनुसार मोनू सूदखोरी का काम करता था। उसने सोनू को ८० हजार रुपए ब्याज पर दे रखे थे। यहीं नही सोनू की जमानत पर अन्य लोगों को भी रुपए बांट रखे थे। समय पर रकम वापस नहीं मिलने पर दोनों के बीच रविवार को विवाद होने पर सोनू आदि ने मोनू को मारना की योजना बनाई थी। हालांकि तुरंत ही नहीं मिलने पर वह उस दिन बच गया था।
अब सूदखोरों पर शिकंजा : सर्वविदित है कि सूदखोरी के कारण पूर्व में भी कई बार शहर में बड़ी वारदाते हुई है। समय-समय पर पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ मुहिम भी चलाई, लेकिन अभियान ठंडा पडऩे के बाद यह गोरखधंधा फिर शुरू हो जाता है। तीन दिन पहले हुई घटना के बाद एक बार फिर पुलिस सजग हो गई है। एएसपी नीरज पांडेय ने बताया कि सूदखोरी की शिकायत होने पर जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।