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रामघाट पर कपड़े बदलने के शेड टूटे, फर्शियां उखड़ीं
उज्जैन:बारिश के दौरान शिप्रा नदी में आई बाढ़ के कारण घाटों पर रखे कपड़े बदलने के शेड और फर्शियां उखड़ चुकी हैं। यहां प्रतिदिन आने वाले सैकड़ों लोग परेशान हो रहे हैं। खासतौर से महिलाओं को वस्त्र बदलने के लिये यहां वहां स्थान तलाशना पड़ रहा है।
नगर निगम द्वारा शिप्रा नदी के घाटों पर महिलाओं की सुविधा के लिये वस्त्र बदलने के शेड लगाये गये थे। बारिश के दौरान नदी में बाढ़ आने के पहले इन शेड को घाटों से नहीं हटाया गया। परिणाम यह रहा कि बाढ़ के दौरान शेड पानी में बहकर टूट फूट गये हैं। नदी का पानी कम होने और बारिश सीजन खत्म होने पर इन टूटे फूटे शेड्स को नगर निगम कर्मचारियों ने पुन: घाटों पर खड़ा कर दिया है। ऐसा ही हाल घाटों पर लगे लाल पत्थरों का भी है। अधिकांश पत्थर टूट गये हैं, लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल है।
पर्वों पर होगी भीड़
कार्तिक नहान करने वाली महिलाएं प्रतिदिन बड़ी संख्या में नदी में स्नान के लिये पहुंच रहीं हैं, जबकि कार्तिक पूर्णिमा पर यहां बड़े स्तर पर नहान होगा, जिसमें हजारों की संख्या में लोग पहुंचेंगे। वहीं पर्वों के दौरान और कार्तिक मेले के दौरान भी घाटों पर लोगों की भीड़ रहेगी। ऐसे में फर्शियों की मरम्मत और वस्त्र बदलने के शेड सुधारना जरूरी है। घाटों की सीढिय़ों पर नगर निगम द्वारा कराई गई पुताई भी अब पानी से धुल चुकी है। घाट के आसपास स्थित मंदिरों, बाउण्ड्रीवॉल और सीढिय़ों पर मिट्टी व धूल चढऩे के कारण गंदगी नजर आ रही है।