- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए सजा महाकाल मंदिर
अयोध्या में 22 जनवरी को भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी। उज्जैन महाकाल मंदिर में भी यह दिन धूमधाम से मनेगा। मंदिर में पुष्प व विद्युत सज्जा होगी। एक लाख दीपों से महाकाल का आंगन जगमगाएगा। रंगारंग आतिशबाजी से आकाश रोशन होगा।
सुबह भस्म आरती में भगवान महाकाल की महापूजा होगी। इसके अंतर्गत भगवान का फलों के रस व सुगंधित द्रव्यों से महाअभिषेक होगा। भगवान को सोने-चांदी के आभूषण धारण कराकर दिव्य शृंगार किया जाएगा। भगवान महाकाल को श्रीराम का प्रिय महाभोग लगाया जाएगा। आरती के पश्चात भक्तों को महाप्रसादी का वितरण भी होगा। मंदिर में होने वाली सभी पांच आरतियों के दौरान भगवान को पांच-पांच क्विंटल पुष्पवर्षा होगी। नंदी व गणेश मंडपम् में श्रीराम संकीर्तन होगा। शिव-राम की स्तुति होगी। दोपहर 12ः30 बजे भगवान श्रीराम की महाआरती होगी। आरती के बाद भक्तों को महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। शाम सात बजे नवनिर्मित शिखर दर्शन परिसर तथा कोटितीर्थ कुंड के आसपास एक लाख दीप प्रज्वलित कर दीपावली मनाई जाएगी। कलाकार दीपों से जय श्रीराम की आकृति निर्मित करेंगे। रात आठ बजे मंदिर परिसर में भव्य रंगारंग आतिशबाजी की जाएगी।