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रिलेशन बनाने के दबाव में नौकरी छोड़ी:एक्साइज अफसर फाइल लेकर बुलाता और रिलेशन बनाने के लिए कहता
दरोगा की पत्नी से एक आबकारी अधिकारी 13 साल से छेड़छाड़ करता था। महिला भी आबकारी विभाग में ही पदस्थ थी। उसने नौकरी ही छोड़ दी और अफसर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। महिला के मुताबिक अफसर उसे फाइल लेकर बुलाता और संबंध बनाने का दबाव बनाता था। उसने धमकी दी थी कि ऐसा नहीं करने पर धार-झाबुआ तबादला करवा देगा। मामले की विभागीय जांच भी चल रही है। अफसर इंदौर में पदस्थ है।
पुलिस के मुताबिक महिला ने बयानों में बताया कि घटना की शुरुआत वर्ष 2007 की है। आरोपी कल्याण सिंह उस समय आबकारी में लेखापाल के पद था। महिला उससे कनिष्ठ पद पर पदस्थ थी। ऑफिस में वह महिला को फाइलें लेकर बुलाता और बुरी नीयत से छूने की कोशिश करता। महिला के मुताबिक कल्याण सिंह जब सहायक अधीक्षक के पद पर प्रमोशन हुआ तो उसने कहा कि मेरे साथ शारीरिक संबंध बनाओ वरना धार-झाबुआ तबादला करवा दूंगा। जब महिला ने आरोपी की बात पर ध्यान नहीं दिया तो उसने महिला की 2008 में निर्वाचन कार्यालय में ड्यूटी लगवा दी। महिला जब ड्यूटी पर पहुंची तो वहां के अधिकारी ने बताया कि यहां सिर्फ पुरुषों की ड्यूटी लगी है। वह लगातार महिला को प्रताड़ित करता रहा। इससे परेशान होकर उसने पहले नौकरी छोड़ी और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
महिला थाना प्रभारी ज्योति शर्मा ने बताया कि महिला तीन महीने पहले थाने पर आई थी। वह अपने बार-बार बयान बदल रही थी। पूरा मामले में भी विशाखा गाइडलाइन के अंतर्गत भी आता है। यदि महिला अपने ही विभाग के किसी अधिकारी पर यह आरोप लगाती है तो विशाखा गाइडलाइन के अंतर्गत पहले उसकी विभागीय जांच होना जरूरी है। इसके बाद महिला पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
क्या है विशाखा गाइडलाइन
कार्यस्थल पर होने वाले यौन-उत्पीड़न के खिलाफ साल 1997 में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ निर्देश जारी किए थे। सुप्रीम कोर्ट के इन निर्देशों को ‘विशाखा गाइडलाइन’ के रूप में जाना जाता है। इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यौन-उत्पीड़न, संविधान में निहित मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। इसके साथ ही इसके कुछ मामले स्वतंत्रता के अधिकार के उल्लंघन के तहत भी आते हैं।