- महाकाल मंदिर में अलसुबह भस्मारती की परंपरा, वीरभद्र के स्वस्तिवाचन के बाद खुले चांदी के पट; पंचामृत अभिषेक और राजा स्वरूप में हुआ दिव्य श्रृंगार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर मुख्यमंत्री की सख्त समीक्षा, कहा - “काम में रुकावट नहीं चलेगी”; अधिकारियों को 24×7 सक्रिय रहने के दिए निर्देश
- महाकाल मंदिर में अलसुबह गूंजी घंटियां, वीरभद्र के कान में स्वस्तिवाचन के बाद खुले पट; भस्म अर्पण के बाद शेषनाग रजत मुकुट में सजे बाबा
- शादी से मना करने पर घर में घुसा युवक, युवती पर किया हमला; 48 घंटे में गिरफ्तार
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
विशेष बैठकें:विक्रम विश्वविद्यालय में 13 से 15 तक नैक दल का निरीक्षण, रिपोर्ट से तय होगी ग्रेड
- तैयारियों के लिए बाह्य विशेषज्ञों की मॉक टीम के साथ शुरू हुई विशेष बैठकें
- बैठक में कुलपति ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला देश-प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय है
विक्रम विश्वविद्यालय में अक्टूबर में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद् (नैक) का दल निरीक्षण के लिए आएगा। 13 से 15 अक्टूबर तक नैक की पीयर टीम द्वारा विश्वविद्यालय में निरीक्षण किया जाएगा। इस टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही विक्रम विश्वविद्यालय की ग्रेड तय होगी। इधर नैक की तैयारियों को लेकर गठित बाह्य विशेषज्ञों की मॉक टीम के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न अधिकारियों, विभागाध्यक्षों और शिक्षकों की विशेष बैठकें गुरुवार को विश्वविद्यालय में हुई। सभी बैठकें कुलपति प्रो. अखिलेशकुमार पांडेय की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में कुलपति ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने वाला देश-प्रदेश का प्रथम विश्वविद्यालय है। हाल के वर्षों में सभी क्षेत्रों में विश्वविद्यालय ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की हैं, जिन्हें नैक के दौरे के समय सामने लाएं। बाह्य विशेषज्ञ के रूप में प्रो. नरेंद्रभाई चोटालिया (गुजरात) एवं उच्च शिक्षा विभाग के उज्जैन संभाग के अतिरिक्त संचालक डॉ. अर्पण भारद्वाज ने संबोधित किया। बैठकों के दौरान नैक के विभिन्न प्रतिमानों को लेकर विभिन्न संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं अधिकारीगण के साथ मंथन किया गया। बाह्य विशेषज्ञों की यह बैठक सुबह 11 बजे कार्यपरिषद कक्ष में और दोपहर 3 बजे शलाका दीर्घा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालय के अधिकारी, प्राध्यापकगण एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।