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संत ने पूछा-कब हटेगी मांस दुकानें अफसर बोले-तारीख नहीं बता सकते
उज्जैन । शिप्रा की पवित्रता और महाकाल मंदिर परिक्षेत्र से कत्लखाने, मांस-मदिरा की दुकानें हटाने के लिए स्वर्णिम भारत मंच के आह्वान पर राष्ट्रसंत कमलमुनि कमलेशजी महाराज महाराष्ट्र से 1100 किमी की पदयात्रा करते हुए शहर आए।
रविवार शाम 4 बजे सुभाषनगर सांवेर रोड से मंगल आगमन होकर शाम 6 बजे रामघाट पहुंचे। उन्होंने एसडीएम क्षितिज शर्मा, सीएसपी मलकीत सिंह, नगर निगम उपायुक्त सुनील शाह, सहायक आयुक्त सुबोध जैन से चर्चा की। एेसा पहली बार हुआ है जब रामघाट पर किसी संत ने अधिकारियों से शहर को पवित्र करने के मुद्दे पर सीधी बात की हो।
आश्वासन नहीं मिला तो यही धरना देंगे राष्ट्रसंत
स्वर्णिम भारत मंच के दिनेश श्रीवास्तव ने बताया राष्ट्रसंत ने कलेक्टर संकेत भोंडवे और निगमायुक्त को सोमवार शाम 5 बजे तक का समय दिया है। इस दौरान अधिकारियों को शहर में अवैध रूप से चले रहे कत्लखाने और शराब दुकानें बंद करने का आश्वासन देना होगा। कलेक्टर और निगमायुक्त से आश्वासन नहीं मिला तो वे यहीं पर धरना देंगे।
संत कमल मुनि के सवालों पर बहाने बनाते रहे अधिकारी
राष्ट्रसंत : आपसे बूचडख़ाने बंद करने के लिए कहा, आप गायों के बाड़े क्यों तोड़ रहे हैं? एसडीएम : हम नियमानुसार ही काम कर रहे हैं। गायों को हटाना हमारा मकसद नहीं है।
राष्ट्रसंत : अवैध मांस दुकानें बंद करने की जगह सड़क पर घूम रही गायें क्यों पकड़ रहे हैं? एसडीएम :जो अवैध हैं। उन्हें हटाएंगे। गायों से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है।
राष्ट्रसंत : मैं खुद देखकर आ रहा हूं। लोग महादेव के दर्शन करें या मांस के? ननि उपायुक्त : पूरे शहर से अवैध मांस दुकानें हटाई जा रही हैं। महाकाल मार्ग पर अवैध होंगी तो हटेंगी।
राष्ट्रसंत : मैं कुछ नहीं जानता, आप तो समय सीमा बताओ। ननि उपायुक्त : (कुछ देर चुप। फिर बोले) समय सीमा नहीं बताई जा सकती।
राष्ट्रसंत : आखिर कोई दबाव हो तो बताएं। मैं ऊपर बात करूंगा। सीएम तक से। ननि सहा.आयुक्त : ऐसा नहीं हैं। लोग ही बाधा बनते हैं हमारी कार्रवाई में। एक ने तो केरोसीन डाल लिया था।
राष्ट्रसंत : पवित्र नगरी के लिए अवैध मांस दुकानों को शहर के बाहर क्यों नहीं कर देते? ननि सहा.आयुक्त : शहर के बाहर तीन स्थान देखे हैं। नागझिरी, पंवासा और पाटपाला।
राष्ट्रसंत : तो फिर कितने दिन लगेंगे महाकाल के दो किलोमीटर को मांस दुकानों से मुक्त करने में? एसडीएम : हमारी कार्रवाई क्षेत्र देखकर नहीं चल रही। महाकाल हो या केडी गेट अवैध हैं तो हटेंगे।
राष्ट्रसंत : तीन साल से मैं यही सुन रहा हूूं। आप समयसीमा क्यों तय नहीं करते? एसडीएम : महाराज आपके आसपास के लोग ही हमें रोकते हैं। एक महीने में आपको रिजल्ट मिल जाएंगे।
राष्ट्रसंत : आप यही बात कलेक्टर और निगमायुक्त से कहलवा दें। एसडीएम : कलेक्टर अवकाश पर हैं। निगमायुक्त से सोमवार शाम 5 बजे तक बात करा देंगे।