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स्कूल के रास्ते पर बन गया तालाब:24 घंटों में दो इंच से ज्यादा बारिश, शिप्रा का छोटा पुल फिर हुआ जलमग्न, गंभीर डेम के दो गेट ढाई मीटर तक खोले
सोमवार की देर रात से शुरू हुई बारिश का दौर मंगलवार की दोपहर तक चलता रहा। शहर में बीते 24 घंटों के भीतर 2 इंच से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। इस दौरान उज्जैन सहित जिले की छह तहसीलों में भी बारिश दर्ज की गई। इधर, आसपास हुई तेज बारिश की वजह से मंगलवार को शिप्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया और छोटा पुल एक बार फिर जलमग्न हो गया। इससे घाटों पर बने मंदिर भी जलमग्न हो गए। वहीं गंभीर डेम में भी पानी की आवक बढ़ने के कारण दो गेट खोलना पड़े।

कम दबाव का एक क्षेत्र बनने के असर से बीते 24 घंटों के भीतर अचानक यह तेज बारिश हुई। मंगलवार को सुबह से ही रिमझिम आैर तेज बारिश का दौर चलता रहा। इसकी वजह से शहर में एक बार फिर लोगों को सड़कों पर पानी भरने की समस्या से जूझना पड़ा। दोपहर करीब 3 बजे तक भी रिमझिम बारिश होती रही। हालांकि दोपहर बाद कुछ देर के लिए धूप भी निकल आई। इसके बावजूद दिन में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस कम हो गया। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात के तापमान में भी 0.2 डिग्री सेल्सियस की कमी आई।
सोमवार-मंगलवार की रात न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस रहा। इधर शासकीय जीवाजी वेधशाला में मंगलवार शाम तक बीते 24 घंटों के भीतर 52.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। वेधशाला में इस सीजन में अब तक कुल औसत 746 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। मंगलवार सुबह तक बीते 24 घंटों के भीतर जिले में भी औसत 10.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इस दौरान उज्जैन तहसील में 41 मिमी, घट्टिया में 13.4 मिमी, खाचरौद में 9 मिमी, नागदा में 4 मिमी, बड़नगर में 24 मिमी और तराना तहसील में 2.3 मिमी बारिश हुई।
जिले में अब तक कुल औसत 530.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जबकि बीते वर्ष 1 अगस्त तक जिले में कुल औसत 448.2 मिमी बारिश हुई थी। तेज बारिश के कारण शासकीय माध्यमिक विद्यालय नागझिरी पुलिस लाइन में स्कूल के बाहर पानी भर गया। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को करीब एक फीट पानी में से होते हुए स्कूल आना-जाना पड़ा। इस दौरान स्कूल के भीतर भी कार्यालय और मध्याह्न भोजन बनाने वाले कक्ष में पानी भर गया।
गंभीर डेम फिर ओवरफ्लो, दोपहर को बंद हुआ एक गेट आसपास के क्षेत्रों और कैचमेंट एरिया में भी हुई तेज बारिश की वजह से गंभीर डेम भी एक बार फिर ओवरफ्लो हो गया। सोमवार देर रात गंभीर डेम के दो गेट खोलना पड़े। इस दौरान गेट नंबर 2 और 3 को ढाई मीटर तक खुला रखा गया। अशोक शुक्ला ने बताया पानी की आवक कम होने के बाद मंगलवार दोपहर तक गेट नंबर 2 को बंद कर दिया गया लेकिन गेट नंबर 3 देर शाम तक 25 सेंटीमीटर तक खुला रहा। शाम तक गंभीर डेम को 1950 एमसीएफटी पर मेंटेन किया जा रहा था।