- चैत्र मास की पहली जत्रा शुरू, चिंतामण गणेश मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम
- चंद्र ग्रहण के बाद धुलेंडी पर रंगों की बरसात, संतों से लेकर युवाओं तक छाया उत्साह
- भक्तों के लिए जरूरी अपडेट: महाकाल मंदिर में बदले आरती के समय, धुलेंडी के बाद लागू नई व्यवस्था!
- महाकाल दरबार में तड़के भस्म आरती: राजा स्वरूप में सजे बाबा, श्रद्धालुओं ने किए अलौकिक दर्शन!
- भस्म आरती में शामिल हुए पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, नंदी हाल में बैठकर किया महाकाल का जाप
स्वच्छता सर्वेक्षण:प्रतिबंधित पॉलीथिन का शहर में प्रवेश न हो, इसलिए 6 एंट्री पाइंट पर होगी नाकेबंदी
उज्जैन को नंबर वन बनाने में प्रतिबंधित पॉलीथिन बड़ा रोड़ा
दुकानों से छुटपुट प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त करने की कार्रवाई को पीछे छोड़ निगम का स्वास्थ्य अमला बड़ी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। प्लान तैयार हो गया है और जल्द ही इस पर अमल होने वाला है। निगम अब उन ट्रांसपोर्टरों पर कार्रवाई करने वाली है, जिनके मार्फत प्रतिबंधित पॉलीथिन शहर में सप्लाई करता है।
प्रारंभिक रूप से सभी ट्रांसपोर्टरों से बात कर प्रतिबंधित पॉलीथिन की ढुलाई नहीं करने की बात रखी जाएगी। अगर फिर भी ऐसा होता है तो जब्ती के साथ जुर्माना और एफआईआर तक की जाएगी। इसके लिए निगम ने फूल प्रूफ प्लान कर लिया है। शहर में प्रवेश करने वाले चार प्रमुख मार्गों इंदौर, देवास, शाजापुर, आगर, बड़नगर और नागदा रोड पर नाकेबंदी की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन की मदद ली जाएगी। इसमें सभी पाइंट पर जिला प्रशासन की टीम के साथ निगम के कर्मचारी भी समय-समय पर मौजूद रहेंगे और शहर में प्रवेश करने वाले ट्रकों और ट्रालों की जांच करेंगे। जांच में प्रतिबंधित पॉलीथिन मिलती है तो पॉलीथिन तो जब्त होगी ही। साथ ही वाहन को भी जब्त किया जा सकता है।
नालों के ओवरफ्लो के पीछे प्लास्टिक बड़ा कारण हाल ही में शिप्रा में मिलने वाले गंदे नाले की घटना के पीछे भी कारण प्लास्टिक ही सामने आया था। बेगमबाग तरफ से आने वाले बड़े नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई। जब सफाई की तो उसमें भारी मात्रा में प्लास्टिक निकला, जिससे पानी की निकासी ही नहीं हो सकी। फिलहाल नाले की सफाई कर दी है लेकिन प्लास्टिक इनमें पहुंचे ही नहीं। इसके लिए बड़ी कार्रवाई की जरूरत है।
कलेक्टर से बात कर रहे हैं ^सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंधित है। लेकिन इसका उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। इसे शहर में प्रवेश ही न करने दिया जाए, इसके लिए प्लान बना रहे हैं। कलेक्टर से इस संबंध में बात चल रही है। जिला प्रशासन की मदद से शहर के एंट्री पाइंट पर नाकेबंदी की जाएगी, जिससे वाहनों की समय-समय पर चैकिंग हो सके। अगर कोई वाहन प्रतिबंधित प्लास्टिक लेकर आता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।