- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
जिला अस्पताल में डॉक्टर पर रुपए मांगने का आरोप
उज्जैन। जिला चिकित्सालय में टीबी के मरीज से डॉक्टर द्वारा रुपये मांगने का आरोप मरीज के पुत्र ने लगाया। इसी प्रकार एक महिला ने भी उसी डॉक्टर पर रुपये मांगने का आरोप लगाया। हालांकि डॉक्टर द्वारा इससे इंकार किया गया है।
राधेश्याम निवासी डेलची बुजुर्ग अपने पिता भेरूलाल (85) वर्ष को उपचार के लिये जिला चिकित्सालय लाया था। यहां डॉ. अजय निगम द्वारा वृद्ध भेरूलाल का उपचार शुरू किया गया और उन्हें टीबी की दवाई भी दी गई लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद डॉ. निगम ने यह दवाई बंद कर दी।
वृद्ध के बेटे राधेश्याम ने जिला चिकित्सालय में डॉ. निगम पर आरोप लगाया कि मेेरे पिता टीबी के मरीज हैं और डॉ. निगम द्वारा उनका उपचार करने के एवज में 5 हजार रुपयों की मांग की गई, रुपये नहीं देने पर डॉक्टर ने दवाई भी वापस ले ली।
इसी प्रकार शरदबाई नामक महिला ने बताया कि उनके पति मेहरबान सिंह को टीबी होने पर जिला अस्पताल में उपचार के लिये लाये थे उस दौरान डॉ. निगम द्वारा उपचार के एवज में 40 हजार रुपयों की मांग की गई। दोनों मामलों में जब डॉ. अजय निगम से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि आरोप बेबुनियाद हैं। राधेश्याम के पिता को टीबी की पुष्टि नहीं होने पर दवाई बंद की गई थी।