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महाकाल नंदीगृह से 6 वर्षीय बालिका लापता, मची अफरा-तफरी
उज्जैन। जबलपुर से बहन व अन्य रिश्तेदारों के साथ महाकाल मंदिर दर्शन के लिये आई महिला की 6 वर्षीय पुत्री नंदीगृह में दर्शन के समय लापता हो गई। महिला ने उसकी मंदिर परिसर में तलाश की लेकिन वह नहीं मिली तो नंदीगृह में बैठकर रोने लगी।
सिक्युरिटी गार्डों ने पूछताछ के बाद मंदिर में एनाउंस कराया उसके बाद भी बालिका का पता नहीं चला। बालिका को एक आटो चालक अपनी सीट पर बैठाकर सवारी के साथ ले गया था और अपनी गलती का एहसास होने पर वह बालिका को लेकर थाने पहुंचा व मां के सुपुर्द कर दिया। रंजना राजपूत निवासी जबलपुर नर्स हैं और अपनी बहन एकता व अन्य रिश्तेदारों के साथ महाकाल मंदिर में दर्शन के लिये पहुंची थीं।
सुबह करीब 8 बजे रंजना अपनी पुत्री माही 6 वर्ष के साथ लाइन में लगकर नंदीगृह तक पहुंचीं। यहां दर्शन के दौरान माही खेलते हुए कहीं चली गई। रंजना ने उसकी आसपास और परिसर में तलाश की। 40 मिनिट तक माही का पता नहीं चला तो वह नंदीगृह में बैठकर रोने लगीं।यहां मौजूद सिक्यूरिटी गार्डों ने उनसे पूछताछ की और पूरा मामला समझने के बाद मंदिर में एनाउंस कराया गया फिर भी माही का कोई पता नहीं चला।
सीधे ऑटो की सीट पर जा बैठी
रंजना अपनी बेटी के गुम जाने पर रो रहीं थीं, साथ के लोग माही की तलाश कर रहे थे, माईक से लगातार एनाउंस भी हो रहा था उसी दौरान एक युवक मंदिर पहुंचा और पूछताछ की साथ ही बताया कि उसके भाई की आटो में एक बालक आकर बैठा था और वह अभी सिद्धवट पर उसके साथ है। रंजना ने बताया कि माही ने पेंट शर्ट पहने हैं और उसके बालों की कटिंग लड़कों जैसी है। युवक ने अपने आटो चालक भाई को तुरंत महाकाल थाने बुलाया।
बच्ची को टॉफी दिलाई और सवारी के साथ ले गया
सुरेश पिता रामेश्वर निवासी राजीव रतन कालोनी किराये पर आटो लेकर चलाता है। सुबह वह आटो क्रमांक एमपी 13 आर 3044 किराये पर लेकर सवारी के लिये महाकाल मंदिर आया था। यहां उसने सिद्धवट के लिये आटो में सवारी बैठाई उसी दौरान माही कहीं से दौड़ते हुए आई और आटो के आगे की सीट पर बैठ गई तो सुरेश समझा कि बालिका सवारी के साथ है और वह उसे सिद्धवट ले गया।
यहां सवारी उतर गई लेकिन माही सीट से नहीं उतरी तो उसने पूछताछ की। इस दौरान माही रोने लगी तो सुरेश ने 5 रुपये की टाफी दिलाई और अपने भाई राहुल जाटवा को मोबाइल पर गड़बड़ी की सूचना दी। राहुल जाटवा महाकाल के पास रहता है और एनाउंस सुनने के बाद वह चौकी पर गया।