- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
धूमधाम से निकली बाबा महाकाल की पहली सवारी
उज्जैन में सावन के पहले सोमवार को महाकालेश्वर की सवारी ठाट-बाठ से निकली. चांदी की पालकी में सवार बाबा महाकाल ने नगर भ्रमण कर भक्तों को दर्शन दिए और प्रजा का हाल जाना. सवारी को देखने के लिए देशभर से हजारों की तादात में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचे. महाकाल मंदिर में सबसे पहले कोटी तीर्थ कुण्ड के सामने मनमहेश के रूप में विराजित महाकाल के चांदी के मुखौटे का मंदिर के पुजारियों द्वारा पूजन अर्चन कराया गया. इसके बाद शंख की ध्वनि के साथ महाकाल चांदी की पालकी में सवार होकर मंदिर परिसर से बाहर निकले एवं नगर भ्रमण के लिए प्रस्थान किया.
पालकी जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर आई जिला पुलिस बल द्वारा महाकाल को सलामी दी गई. जिसके बाद महाकाल नगर भ्रमण पर निकले. सवारी में विभिन्न वेश-भूषा पहने भक्त नाच-गाकर सवारी की शोभा बढ़ा रहे थे. वहीं हजारों की संख्या में शामिल हुए भक्तगण महाकाल की एक झलक पाने के लिए लालायित दिखे.