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ग्राम कांजा में ग्रामीणों के घर बने तालाब
जिम्मेदारों का नहीं है ध्यान, गंभीर बीमारी की आशंका के बीच जीवन बसर कर रहे ग्रामीण
शाजापुर. भले ही इस वर्ष बारिश ने लोगों की चिंता को दूर कर दिया हो, लेकिन कांजा के लोगों के लिए यह बारिश मुसीबत बनी हुई है। इनके घर बारिश के पानी से तालाब बन गए हैं और मच्छरों के कारण ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो रहा है। शिकायत कई बार ग्रामीण सचिव और सरपंच से कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
28 जुलाई से पूरे जिले में भारी वर्षा हुई और आसपास के क्षेत्रों में भी पानी भर गया था। अन्य क्षेत्रों में तो जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासन ने लोगों की समस्या को सुनकर उसे हल कर दिया, लेकिन कांजा में जलभराव की समस्या से ग्रामीणों को निजात नहीं मिली। आलम यह है कि यहां जमा पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर रहा है। जिससे उन्हें न सोने के लिए न बैठने के लिए जगह मिल रही है, वहीं लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो रहा है।
स्वच्छता अभियान की भी उड़ रही धज्जियां
बारिश के कारण गांव में स्वच्छता अभियान की भी धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। यहां बारिश के कारण नालियों का पानी भी घरों में प्रवेश कर रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने ही नालियों का पानी भी घरों में घुस रहा है। जिससे उनके घरों में गंदगी पसर रही है। ग्रामीणों को यह चिंता सता रही है कि पानी जमा होने से पनप रहे मच्छरों के कारण महामारी फैलने का खतरा बढ़ सकता है। गांव में गंदगी भी पसर रही है जिसके चलते शासन के स्वच्छता अभियान की भी धज्जियां उड़ रही हैं।
किया जा रहा प्रयास-इस मामले में जिम्मेदार अलग ही राग अलाप रहे हैं। गांव के सरपंच प्रतिनिधि विजेंद्रसिंह पंवार ने बताया कि गांव में पानी भरने की समस्या जरूर है, लेकिन कोई भी अपने घर के सामने खुदाई नहीं करने देता और आपसी मतभेद के चलते यह समस्या हल नहीं हो पा रही है। हालांकि प्रयास किया जा रहा है कि इस समस्या का समाधान किया जाए।