- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
पंचायत सचिवों ने विधायक से कहा- प्रदेश सरकार अपने वचन पत्र का पालन करे
प्रदेश के 23 हजार पंचायत सचिव 52 हजार गांवों में सरकार की योजनाओं को मूर्तरूप देने में लगे हैं लेकिन सरकार ने अब तक अपने वचन पत्र का पालन नहीं किया।
मप्र पंचायत सचिव संगठन के दो दिनी प्रांतीय सम्मेलन में आए कालापीपल के विधायक कुणाल चौधरी को पंचायत सचिवों ने वचन पत्र की याद दिलाई। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा। चौधरी ने कहा- मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री कमलनाथ से चर्चा करेंगे। चिंतामण गणेश स्थित महाकाल परिसर में रविवार सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे सम्मेलन हुआ। प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया विधायक चौधरी को वचन-पत्र में शामिल पंचायत सचिवों का सातवां वेतनमान, विभाग में संविलियन, प्रमोशन व अप्रैल-18 में पंचायत सचिवों को दिए गए छठवें वेतनमान में सेवाकाल की गणना नियुक्ति दिनांक से कराने के संबंध में आग्रह किया। उन्हें वचन पत्र की कॉपी भी भेंट की। इसके अलावा मंच सेे नाटक की प्रस्तुति भी दी।
महाकाल परिसर में पंचायत सचिवों का संबोधित करते विधायक कुणाल चौधरी।
पंचायत सचिवों की वह मांगें जो अब तक सरकार ने पूरी नहीं की
दिग्विजय और बच्चन आने वाले थे, इसलिए नहीं आए
पंचायत सचिव संगठन के प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह और गृह मंत्री बाला बच्चन भी मार्गदर्शन देने आने वाले थे लेकिन नहीं आए। दरअसल सम्मेलन स्थल पर शुरुआती दिन यानी शनिवार को रात में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए थे। इसमें पंचायत सचिवों ने प्रस्तुतियांं दी। इसके बाद समारोह स्थल पर यह चर्चा गर्म रही कि कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए बार-बालाओं को बुलाया गया था हालांकि प्रांत अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने इससे इनकार किया है। उनका कहना है आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति को गलत तरीके से पेश किया है। इसमें कलाकारों के अलावा किसी को नहीं बुलाया था। रविवार को शहर आए पूर्व मुख्यमंत्री ने भी माना कि उन्हें भी इसी प्रकार की सूचना मिली थी। इस कारण वे कार्यक्रम में शामिल ही नहीं हुए।