- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
बारिश थमते ही सड़कों पर धूल के गुबार
उज्जैन :मानसून सीजन में लगातार हुई बारिश के कारण शहर की सड़कों पर छोटे बड़े गड्ढे हो चुके हैं। डामरीकृत सड़कों से गिट्टी चूरी निकलकर सड़क पर बिखरी हैं। बारिश थमने के बाद अब सड़कों से धूल के गुबार उड़ रहे हैं जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
बारिश के दौरान शहर के मुख्य मार्गों और आंतरिक सड़कों पर डामर की सड़कें उखडऩे व गिट्टी चूरी बिखरने के बाद नगर निगम द्वारा गड्ढों में मुरम डालकर भराव किया जा रहा था। अब जबकि बारिश का दौर थम चुका है ऐसे में गिट्टी चूरी सड़कों पर बिखरी पट्टी है, मुरम ने गड्ढों का साथ छोड़ दिया। दो पहिया, चार पहिया वाहन जब इन मार्गों से गुजरते हैं तो धूल के गुबार उड़ते नजर आते हैं।
शहर का प्रमुख चामुण्डा माता चौराहा की हालत सबसे अधिक खराब हो चुकी है। इस चौराहे के आगर रोड़, माधव कालेज के सामने और फ्रीगंज ब्रिज वाले मार्ग की सड़क पर गड्ढों के साथ गिट्टी चुरी बिखरी पड़ी है। यहां शहर का सबसे अधिक ट्राफिक दबाव रहता है। लगातार दो पहिया, चार पहिया वाहनों के आवागमन के कारण गड्ढों से धूल के गुबार उड़ते नजर आते हैं। नगर निगम अधिकारियों द्वारा दावा किया जा रहा है कि ठण्डे डामर में गिट्टी चूरी मिलाकर गड्ढे भरे जा रहे हैं, जबकि मुख्य मार्गों से सफाईकर्मी गिट्टी चूरी हटाकर किनारे पर ही ढेर लगा रहे हैं।