- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
गांधीजी कितना चले, कितना लिखा और किस बात ने सर्वाधिक परेशान किया, पढ़िए खास बातें…
गांधीजी ने कहा था-देश भ्रमण में मुझे सर्वाधिक तकलीफ गंदगी देखकर हुई। हमारी गरीबी की वजह स्वच्छता का अभाव है। साफ-सफाई से लाखों रु. बचाए जा सकते हैं।
40 साल के स्वाधीनता संग्राम के दौरान गांधीजी हर रोज 18 किमी चले। इस लिहाज से उन्होंने 79 हजार किमी की दूरी तय की। यह दूरी धरती के दो चक्कर लगाने जितनी है।
गांधीजी ने जीवन में करीब 1 करोड़ शब्द लिखे। रोज औसतन 700 शब्द लिखते थे। उनके लिखे 50 हजार डॉक्यूमेंट सुरक्षित हैं। वे सीधे और उल्टे दोनों हाथों से लिख लेते थे।
गांधीजी 14 बार गिरफ्तार हुए और छह साल जेल में रहे। यदि अपनी सभी जेल टर्म पूरे करते तो उन्हें 11 साल 19 दिनों की सजा होती। जीवन में 1341 दिन उपवास किया।