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दूध उत्पादक किसानों को भुगतान करने के लिए दुग्ध संघ ले रहा बैंक से 15 करोड़ रुपए का कर्ज
दूध उत्पादक किसानों काे भुगतान करने के लिए उज्जैन दुग्ध संघ 15 करोड़ रुपए बैंक से कर्ज ले रहा है। ये हालात इसलिए बने क्याेंकि कोरोना काल में दुग्ध संघ के दूध, पावडर व अन्य प्रोडक्ट की बिक्री में काफी गिरावट आई हुई हैं। इधर इस बीच कोलकत्ता की मदर डेयरी से दुग्ध संघ को एक हजार टन दूध के पावडर का आर्डर मिलने की उम्मीद है। यदि ऐसा होता है तो आर्थिक तंगी से गुजर रहे दुग्ध संघ को मदद होगी।
गौरतलब है कि उज्जैन दुग्ध संघ में संभाग के 1273 सोसायटियों के जरिए 35 हजार दूध उत्पादक किसान पंजीकृत हैं। पहले इन्हें हर पंद्रह से बीस दिन में दूध का भुगतान हो जाया करता था लेकिन कोरोना काल में ये व्यवस्था गड़बड़ा गई। इसलिए कि इनके जरिए दूध की आवक औसतन राेजना डेढ़ लाख लीटर की बनी हुई हैं लेकिन दूध, पावडर व अन्य प्रोडक्ट की बिक्री में काफी गिरावट आ गई।
पहले रोजाना 90 हजार लीटर दूध बिक जाता था और पावडर व अन्य प्रोडक्ट की काफी डिमांड थी लेकिन अब दूध 50 फीसदी तक ही बमुश्किल बिक पा रहा है। ऐसे में मजबूरन संघ को बचे हुए दूध का पावडर तैयार करके रखना पड़ रहा है। करीब डेढ़ हजार टन से अधिक पावडर का स्टाक जमा हो चुका है। इन तमाम परिस्थितियों के बीच दूध उत्पादक किसानों के भुगतान के लिए अब दुग्ध संघ 15 करोड़ रुपए का कर्ज बैंक से ले रहा है।
दूध के दाम प्रति फेट बढ़ाए है, कर्ज लेकर भुगतान करेंगे
संघ के सीईओ बीके साहू ने बताया कि किसानों से लेने वाले दूध के दाम भी प्रति फेट बढ़ा दिए है। बैंक से कर्ज लेकर उन्हें भुगतान करेंगे। उम्मीद है कि मदर डेयरी कोलकाता से एक हजार टन पावडर का आर्डर मिलेगा। यदि ये मिलता है तो 20 करोड़ रुपए इससे मिलेंगे।