- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
- धुलेंडी के साथ उज्जैन में शुरू हुआ गणगौर पर्व, महिलाएं 16 दिनों तक करेंगी पूजा; राजस्थान से मंगवाई जाती हैं ड्रेस
अब बिजली की ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्काडा सिस्टम से
अब शहरी क्षेत्र की बिजली व्यवस्था की ऑनलाइन मॉनिटरिंग स्काडा सिस्टम से की जा रही है। इस सिस्टम से बिजली कंपनी के खेड़ापति जोन, महानंदा नगर जोन, कार्तिक मेला सहित सभी नौ जोन जुड़ गए हैं। जोन पर बिजली बंद होने या पॉवर सप्लाई की बाधा की जानकारी तत्काल जोन पर लगे मॉनिटर पर आ जाती है। जोन पर मॉनिटर लगे हैं, जिसमें सिग्नल के माध्यम से पता चल जाता है कि किस फीडर की बिजली बंद हुई है। यह सब स्काड़ा सिस्टम से संचालित हो रहा है।
बिजली कंपनी द्वारा महानंदा नगर क्षेत्र में स्काडा सेंटर बनाया गया है। जहां पर सीधे बिजली के बंद होने या पॉवर सप्लाई कम होने या बढ़ने की ऑनलाइन रिपोर्टिंग हो रही है। इससे तत्काल पता चल जाता है कि शहर के किस इलाके में बिजली बंद हुई है, बिजली कब से बंद है और क्यों। लाइन में ब्रेकडाउन की जानकारी मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र में सुधार कार्य शुरू हुआ है या नहीं, इस बारे में भी स्काडा मुख्यालय को ऑनलाइन पता चल जाता है।
बिजली कंपनी के खेड़ापति जोन प्रभारी सत्यजीत कुमार ने बताया स्काडा सिस्टम से शहरी क्षेत्र के सभी नौ जोन जुड़ गए हैं। जोन पर मॉनिटर लगा है, जिसमें लाइन में खराबी का ऑनलाइन पता चल जाता है, बिजली बंद होने के तत्काल सिग्नल आ जाते हैं। इसके बाद फील्ड के स्टॉफ व लाइनमैन आदि को सुधार के लिए मैसेज चला जाता है। ऐसे में पॉवर सप्लाई को सुधारने में मदद मिलती है।
घरों में कितनी आपूर्ति, ऑनलाइन पता चल रहा
स्काडा सिस्टम में यह भी पता चल जाता है कि किस फीडर पर पॉवर सप्लाई कम मिल रही है या पॉवर बढ़ गया है, जिसे नार्मल करने का काम शुरू कर दिया जाता है। साथ ही उन स्टेशनों से ट्रांसफार्मर व उससे घरों में कितनी बिजली की आपूर्ति की जा रही है, यह भी ऑनलाइन पता चल जाता है।
ऐसे करता है सिस्टम काम
ट्रांसफार्मर को स्काडा सिस्टम से जोड़ा गया है, जो कि ऑनलाइन बिजली सप्लाई की मॉनिटरिंग करता है। जिसमें बिजली सप्लाई प्रभावित हाेने पर स्काडा के माध्यम से संबंधित जोन को सिग्नल चला जाता है। यहां के अधिकारी अपनी टीम को उक्त मैसेज को फारवर्ड कर देते हैं या सुधार के आदेशित कर देते हैं।