- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
कालिदास समारोह:ब्रेथलेस फेम शंकर महादेवन ने मंच से दिया देश को संदेश
मेरे लिए सबसे खुशी की बात है कि उज्जैन में मेरा यह पहला कार्यक्रम है। कालिदास समारोह के मंच पर मुझे मौका दिया है। उज्जैन आते ही बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं। आज महादेव के दर्शन करके ही जाऊंगा। जब हम घरों में थे, तब हमारे फ्रंट लाइन वारियर्स सेवा दे रहे थे। उन्हें दिल से सैल्यूट।… हमारा इंडिया कंपलिटली वैक्सीनेटेड हो… इस लक्ष्य को हर हाल में पाना है…. ऐसे ही वाक्यों के साथ देश के ख्यात ब्रेथलेस फेम गायक शंकर महादेवन ने मंगलवार को कालिदास समारोह की दूसरी सांस्कृतिक संध्या में श्रोताओं को अपने गीतों से मंत्र मुग्ध कर दिया।
शास्त्रीय और सुगम संगीत के साथ ब्रेथलेस सांग पर श्रोताओं को महादेवन ने भक्ति और राष्ट्रीय गीतों से दो घंटे तक बांधे रखा। उन्होंने शिव सहस्त्रनाम, बाजे रे मुरलिया…, ठुमक चलत रामचंद्र…, शिव तांडव…, वैष्णव जन तो तेने कहिए…, नाम संकीर्तन…, हर घड़ी बदल रही है रूप जिंदगी…, तुझे सब है पता है मां…, चक दे इंडिया… जैसे गीतों से श्रोताओं को कई बार तालियां बजाने पर विवश कर दिया।
कालिदास समारोह को और ऊंचाई पर ले जाएंगे- ठाकुर
प्रारंभ में संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि उज्जैन महाकाल की नगरी है। इस समारोह को हम उच्चतम स्तर पर ले जाएंगे। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, विधायक पारस जैन, कुलपति प्रो अखिलेश पांडेय, डॉ. संतोष पंड्या, श्रीपाद जोशी, रूप पमनानी वासु केसवानी, दिनेश दिग्गज ने महादेवन का स्वागत किया। बाद में मंत्री हरदीपसिंह डंग भी पहुंचे। संभागायुक्त संदीप यादव, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल व अन्य अधिकारी भी सपरिवार मौजूद थे।
कालिदास समारोह में आज
समारोह की तीसरी सांस्कृतिक संध्या में बुधवार को हिंदी नाटक सम्राट विक्रमादित्य का मंचन होगा। विशाला सांस्कृतिक एवं लोकगीत समिति की यह प्रस्तुति होगी।