- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महावीर जैन तपोभूमि
उज्जैन एक ऐतिहासिक एवं पौराणिक नगरी है भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर तक अनेक महापुरुषों का संबंध उज्जैनी से है। सन् 2005 में उज्जैन भगवान महावीर की चरण रज से पावन हुआ| जिसमें भगवान महावीर स्वामी के तप की खुशबू सर्वत्र व्याप्त हो सके और दुनिया उज्जैनी को भगवान महावीर स्वामी की तपोभूमि के नाम से जान सके।श्री सिद्ध क्षेत्र के महावीर तपो भूमि उज्जैन – इंदौर राजमार्ग पर स्थित है. यह लगभग 6 किलोमीटर उज्जैन रेलवे स्टेशन और 80 किलोमीटर इंदौर शहर से है ! श्री महावीर तपोभूमि में 24 तीर्थंकरों की मूर्तियाँ विराजमान होने से यह पुण्य भूमि महातीर्थ हो गई। यहाँ ऋ षभदेव से लेकर महावीर स्वामी तक विराजमान हो गए हैं। विश्व की पहली रत्न चौबीसी को रत्न मंदिर में विराजमान किया है!