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अच्छी खबर:बिजली बंद होने पर नहीं फंसेगी लिफ्ट, मरीज के साथ 16 लोग भी जा सकेंगे
जिला अस्पताल में दो साल से खराब लिफ्ट बदली, नई लगाई, एक्स-रे कराने के लिए नीचे की मंजिल पर आना होगा आसान
अच्छी खबर यह है कि जिला अस्पताल में नई लिफ्ट लग गई है। बुधवार को गंभीर मरीज को इससे पहली मंजिल पर ले जाकर शुरुआत की गई। लिफ्ट की खासियत यह है कि लाइट चली जाने पर यह बंद नहीं होगी। इसमें इतना बैकअप रहेगा कि यह अपने स्टैंड पर आकर रुकेगी, यानी बीच में कोई फंसेगा नहीं।
जिला अस्पताल में आठ वार्ड पहली मंजिल पर है। इनमें हड्डी, बर्न, ईएनटी, महिला-पुरुष के सर्जिकल सहित कई प्रमुख वार्ड शामिल हैं। इसके अलावा पहली मंजिल पर ही ऑपरेशन थियेटर है। पहली मंजिल पर रोगियों का आना-जाना आसान हो सके, इसके लिए लिफ्ट अस्पताल में थी लेकिन बार-बार खराब होने से रोगी व अटेंडर के अलावा डॉक्टरों की भी मुश्किलें बढ़ती जा रही थी।
दो साल से यह लिफ्ट बंद हो गई थी। इसके बाद हड्डी व गंभीर रोगियाें की मुश्किलें बढ़ गई थी। परिजनों को इन्हें जैसे-तैसे अटेंडरों के सहयोग से पहली मंजिल तक ले जाना पड़ता था। चूंकि एक्स-रे विभाग नीचे है तो एक्स-रे के लिए नीचे आने-जाने में ही रोगी व परिजन की सांसें फूल जाती थी। ये हालात गंभीर रोगियों के लिए जानलेवा भी थे।
करीब 42 लाख रुपए खर्च आया नई लिफ्ट में, दावा यह कि अब समस्या नहीं आएगी
बुधवार को जिला अस्पताल में नई लिफ्ट लगाकर जरूरतमंदों के लिए इसे चालू कर दिया गया। इससे रोगी, उनके परिजन व स्टाफ ने राहत की सांस ली। खासकर चिकित्सा अधिकारियों ने। क्योंकि लिफ्ट के खराब, बंद या उसमें किसी के फंसने पर इन्हें ही जवाब देने पड़ते थे।
नई लिफ्ट के लिए दावा किया जा रहा है कि ये पहले जैसी खराब नहीं होगी। करीब 42 लाख रुपए खर्च आने की बात अधिकारी कह रहे हैं। लिफ्ट की क्षमता 1100 किलो की है। इसमें औसतन 16 लोग आ-जा सकते हैं।
3 प्रशिक्षित ऑपरेटर लिफ्ट ऑपरेट करेंगे
नई लिफ्ट को ऑपरेट करने के लिए तीन ऑपरेटरों की ड्यूटी भी लगाई गई है। ये सुबह, दोपहर व रात में बारी-बारी से ड्यूटी देंगे। कहा जा रहा है कि तीनों ही प्रशिक्षित है। यही नहीं लिफ्ट की लगातार सर्विसिंग व मॉनिटरिंग भी की जाएगी, ताकि कोई समस्या नहीं आए या समस्या आने वाली भी हो तो पहले से पता कर उसे सुधारा जा सके।
उम्मीद है अब कोई परेशान नहीं होगा
जिला अस्पताल में नई लिफ्ट चालू कर दी है। यह अत्याधुनिक व अपडेट है। लाइट जाने पर भी इतना बैकअप रहेगा कि वह स्टैंड पर आकर ही रुकेगी। कोई लिफ्ट में फंसेगा नहीं। प्रशिक्षित ऑपरेटर इसे चला रहे हैं। गंभीर रोगी को इससे ले जाकर शुरुआत की गई है। उम्मीद है कि अब किसी को कोई परेशानी नहीं होगी।
डॉ. जितेंद्र शर्मा, मेडिकल ऑफिसर, जिला अस्पताल