- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मोक्षदायिनी शिप्रा और रामघाट बदहाल….
उज्जैन। मोक्षदायिनी शिप्रा को कचरे और गंदगी से मोक्ष नहीं मिल पा रहा है। पहले गणेशोत्सव और फिर नवरात्रि समाप्त होने के बाद पूजन-सामग्री और मूर्तियां नदी में विसर्जित की गई।
अब इनके अवशेष के साथ-साथ श्रद्धालुओं द्वारा त्यागे गए कपड़े और अन्य सामग्री से रामघाट पटा हुआ है। जिम्मेदारों का इस पर ध्यान ही नहीं है और नदी से लेकर घाट तक कचरा और गंदगी फैली हुई है।
वस्त्र बदलने के शेड भी क्षतिग्रस्त होने से महिलाओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुल मिलाकर नदी को अव्यवस्थाओं से मोक्ष दिलाने की दरकार है, लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है।