- बसंत पंचमी पर वासंती रंग में रंगेगा महाकाल मंदिर, भस्म आरती से होगी शुरुआत; सांदीपनि आश्रम में भी होंगे विशेष धार्मिक आयोजन!
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद ली गई आज्ञा, पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण के साथ साकार रूप में भगवान ने दिए दर्शन
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- सभा मंडप से गर्भगृह तक अनुष्ठानों की श्रृंखला, भस्म अर्पण के बाद साकार रूप में हुए महाकाल के दर्शन; जल और पंचामृत से अभिषेक, रजत मुकुट और शेषनाग श्रृंगार के साथ खुले मंदिर के पट
- महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुए अभिनेता मेका श्रीकांत, नंदी हॉल में बैठकर किया जाप
उज्जैन में आज से हनुमान अष्टमी महोत्सव की धूम, दो दिन मनाया जाएगा पर्व
उज्जैन। धर्मधानी उज्जैन में पंचांगीय मतांतर से दो दिन हनुमान अष्टमीमनाई जाएगी। ज्योतिर्विद पं.आनंदशंकर व्यास के अनुसार प्रदोषकाल में अष्टमी की मान्यता वाले श्रद्धालु बुधवार शाम को उत्सव मनाएंगे। वहीं, सुबह की मान्यता में 4 जनवरी गुरुवार को हनुमान अष्टमी मनाई जाएगी।
नौ दिवसीय श्री हनुमान अष्टमी महोत्सव
जूना महाकाल मंदिर परिसर स्थित जय श्री बाल विजय मस्त हनुमान मंदिर पर नौ दिवसीय श्री हनुमान अष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। बाबा के आंगन में 24 घंटे श्री रामचरितमानस की चौपाइयां गूंज रही है। प्रतिदिन संध्या में भजनों की धुन पर भक्त भाव विभोर होकर अपने आराध्य की भक्ति कर रहे हैं।
मंगला आरती के साथ महाभोग
कार्यक्रम संयोजक श्री रामकथा व्यास सुलभ शांतु गुरु के अनुसार मुख्य आयोजन हनुमान अष्टमी पर्व पर 4 जनवरी को होगा। इसमें सुबह बाबा की मंगला आरती में बेसन के लड्डुओं का महाभोग, दोपहर दो बजे नौ दिनी अखंड रामायण पाठ पूर्णाहुति होगी व संध्या 7 बजे मुख्य आरती होगी जिसके पश्चात महाप्रसादी (भंडारे) का आयोजन रहेगा। भक्त मंडल के सीताराम अग्रवाल हस्तीमल नाहर, प्रहलाद दाड़, राजेश भदौरिया, मनोहर दुबे, प्रवीण ठाकुर, गोपाल पटौदिया, राहुल कटारिया ने भक्तों से आयोजन में शामिल होकर धर्मलाभ लेने का अनुरोध किया है।
123 साल पुराने पंचमुखी हनुमान मंदिर में आज उत्सव
ज्योतिर्लिंग महाकाल के समीप स्थित बड़े गणेश मंदिर परिसर में 123 साल पुराने पंचमुखी हनुमान मंदिर में बुधवार शाम 7 बजे प्रदोष काल में हनुमान अष्टमी मनाई जाएगी। पं.आनंदशंकर व्यास के अनुसार सुबह भगवान का अभिषेक पूजन किया जाएगा। दिन में हनुमान चालीसा, हनुमत कवच तथा लघुरूद्र का पाठ होगा। शाम को खिरान का महाभोग लगाकर पांच पंडितों द्वारा आरती की जाएगी। भक्तों को प्रसादी का वितरण होगा।