- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
श्री महाकालेश्वर मंदिर में एंट्री का हाईटेक सिस्टम हुआ लागू, RFID बैंड बांधकर ही श्रद्धालुओं को भस्म आरती में मिलेगा प्रवेश
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर को अनेक तकनीकों से लैस किया जा रहा है। पिछले ही दिनों मंदिर में हाईटेक फायर सिस्टम लगाया गया था। वहीं, अब महाकाल मंदिर समिति एक और नई तकनीक मंदिर में लेकर आई है। इसके चलते अब रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) बैंड बांधकर ही श्रद्धालुओं को भस्म आरती के लिए मंदिर के अंदर प्रवेश मिल सकेगा।
बात दें, आज कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती में एंट्री की यह हाईटेक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिसके बाद अब मंदिर में एंट्री ठीक वैसे ही होगी, जैसे बड़े कंसर्ट और स्टेज शो में दर्शकों की कलाई पर आरएफआईडी बैंड बांधकर कराई जाती है। बता दें, आज इस सिस्टम के लागू होने के बाद उज्जैन कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने इसका जायजा लिया।
वहीं, इस सिस्टम के लागू होने के साथ अब भस्म आरती के लिए फर्जी तरीके से प्रवेश करने वालों पर रोक लगेगी और सिर्फ अधिकृत व्यक्ति ही भस्म आरती में एंट्री ले सकेंगे। यह बैंड श्रद्धालुओं की पहचान को सरल बनाएगा और भीड़ को नियंत्रित करने में भी मदद करेगा। वहीं, इस बैंड की वजह से श्रद्धालुओं को भी बार-बार होने वाली पूछताछ से राहत मिलेगी।