- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
उज्जैन में निकली ‘शक्ति संगम’ शौर्य यात्रा: 25,000 बहनों ने दिखाया शौर्य, हाथ में तलवार और घोड़े पर सवार होकर यात्रा में शामिल हुई महिलाएं; साध्वी ऋतंभरा का होगा संबोधन
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
आज रविवार को उज्जैन में एक ऐतिहासिक शौर्य यात्रा का आयोजन हुआ, जिसे विश्व हिंदू परिषद मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी मालवा प्रांत ने ‘शक्ति संगम’ के तहत आयोजित किया। इस यात्रा में बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल हुईं और यह महाकाल लोक से लेकर सामाजिक न्याय परिसर तक चली, जहां साध्वी ऋतंभरा दीदी ने महिलाओं को संबोधित किया। यात्रा की शुरुआत त्रिवेणी संग्रहालय से सुबह 10:30 बजे हुई, और इसमें बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल हुईं। बता दें, इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पूरे मध्य प्रदेश के 28 जिलों से बहनें उज्जैन आईं हैं।
शक्ति संगम शौर्य यात्रा ने उज्जैन की सड़कों पर शक्ति और साहस का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। सफेद वस्त्र और केसरिया दुपट्टे में सजी महिलाएं यात्रा में शामिल हुईं, जबकि कई महिलाओं ने केसरिया साड़ी पहन रखी थी। यात्रा में दुर्गा वाहिनी की महिला सदस्यों ने अपना शौर्य दिखाया, और कुछ महिलाएं तलवारों के साथ यात्रा में शामिल हुईं, तो कई युवतियां घोड़े पर सवार होकर यात्रा में निकलीं। यात्रा महाकाल लोक से शुरू होकर गुदरी, पटनी बाजार, गोपाल मंदिर, छत्री चौक, सराफा, कण्ठाल चौराहा और कोयला फाटक होते हुए सामाजिक न्याय परिसर पहुंची।
शक्ति संगम कार्यक्रम में भाग लेने आई 25,000 बहनों के लिए श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा जलपान और अल्पाहार की बेहतरीन व्यवस्था की गई। आयोजन के अंतर्गत अधिकारियों, प्रभारियों और कर्मचारियों को स्वकार्य के साथ-साथ ड्यूटी भी लगाई गई।