- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
महाकाल के आंगन में शिवनवरात्रि की भव्य तैयारी, 10 दिनों तक उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब; प्रशासन ने किए खास इंतजाम!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के महाकाल मंदिर में 17 फरवरी से शिवनवरात्रि पर्व की शुरुआत होने जा रही है, जिसके तहत 10 दिनों तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में दो बड़े बदलाव किए हैं, ताकि हर श्रद्धालु को सुलभ और व्यवस्थित तरीके से महाकाल के दर्शन हो सकें।
- हर प्रवेश द्वार पर संकेतक होंगे
श्री महाकालेश्वर मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, प्रवेश द्वारों पर स्पष्ट संकेतक लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को अपने मार्ग का अंदाजा आसानी से हो सकेगा और भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी।
2.पूरी क्षमता से उपयोग होगी टनल व्यवस्था
श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर फेसिलिटी सेंटर-1 से निर्गम रैंप, गणेश मंडपम् और नवीन टनल—दोनों ओर से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। यह बदलाव विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा, जो लंबी कतारों में घंटों तक खड़े नहीं रह सकते।
वीवीआईपी, बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि वीवीआईपी, बुजुर्ग और दिव्यांग भक्तों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। उनके लिए अलग से प्रवेश और निकास व्यवस्था की जा रही है, जिससे वे बिना किसी परेशानी के महाकाल के दर्शन कर सकें।