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SSC परीक्षा में फिल्मी ट्विस्ट! अभ्यर्थी बाहर खड़ा, अंदर कोई और…? उज्जैन के परीक्षा हॉल में हुआ बड़ा खुलासा, पुलिस ने रंगे हाथों पकड़ा फर्जी अभ्यर्थी; 50 हजार में तय हुई थी डील
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) की परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। मंगलवार सुबह इंदौर रोड स्थित प्रशांति कॉलेज में चल रही SSC GD कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
जैसे ही परीक्षा हॉल में एक अभ्यर्थी की पहचान जांची गई, ड्यूटी स्टाफ को शक हुआ। एप्लीकेशन फॉर्म में लगी तस्वीर और असली चेहरा मेल नहीं खा रहे थे। शक गहराया, पुलिस को सूचना दी गई और जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक सनसनीखेज सच सामने आया।
परीक्षा सेंटर के अंदर जो बैठा था, वह असली अभ्यर्थी नहीं था!
असल में, परीक्षा देने वाला शख्स ग्वालियर निवासी 28 वर्षीय धीरज तिवारी नहीं था, बल्कि उसकी जगह इंदौर के रवि मंडलोई नामक युवक परीक्षा दे रहा था! पूछताछ में रवि ने कबूला कि उसे धीरज की जगह परीक्षा देने के लिए 50 हजार रुपए की डील हुई थी, जिसमें 5,000 रुपए एडवांस भी मिले थे। साथ ही रवि ने यह भी कबूला कि धीरज परीक्षा केंद्र के बाहर खड़ा है, जिसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और घेराबंदी कर धीरज को भी दबोच लिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि धीरज ने सरकारी नौकरी पाने के लिए पैसे देकर अपने बदले किसी और को परीक्षा में भेजने की योजना बनाई थी। हालाँकि, सतर्क निगरानी और चेहरा मिलान की तकनीक ने उसकी यह चाल पकड़ ली।
पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा कि रवि मंडलोई ने पहले भी कहीं और फर्जी परीक्षाएं दी हैं या नहीं, इसका भी पता नहीं चला है। लेकिन पुलिस अब उसकी पूरी गतिविधियों की जांच कर रही है। साथ ही दोनों को चिंतामण पुलिस के हवाले कर दिया गया। जिसके बाद चिंतामण पुलिस ने इस मामले में धीरज तिवारी और रवि मंडलोई के खिलाफ BNS की धारा 318 (4), 319 (2), 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बुधवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से उनका जेल जाना लगभग तय है।