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महाकाल मंदिर अवैध वसूली कांड: 10 में से 8 आरोपी जेल से बाहर, हाईकोर्ट ने एक की जमानत याचिका ठुकराई; 4 अब भी फरार!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं से दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले आरोपियों को लेकर एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में से 8 को सोमवार को जमानत मिल गई, जबकि दो आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी थी। वहीं, इस पूरे षड्यंत्र में शामिल चार आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
सबसे बड़ी खबर यह है कि फरार आरोपी दीपक मित्तल की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी, जिससे उसके लिए अब गिरफ्तारी का खतरा और बढ़ गया है।
गौरतलब है कि दिसंबर 2024 में उज्जैन कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने मंदिर व्यवस्थाओं की जांच के दौरान कर्मचारियों और दलालों का एक पूरा गिरोह रंगे हाथों पकड़ा, जो पैसे लेकर भक्तों को विशेष दर्शन करवा रहे थे। इस मामले में 14 कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था । वहीं, जांच में खुलासा हुआ था कि मंदिर के स्थायी कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी और यहां तक कि कुछ मीडिया कर्मी भी इस अवैध धंधे में शामिल थे। इसके बाद थाना महाकाल ने अपराध क्रमांक 655/2024 के तहत धारा 318(4), 316(2), 316(5) BNS में केस दर्ज किया।
इस मामले में मुख्य आरोपी विनोद चौकसे, राकेश श्रीवास्तव, अभिषेक भार्गव, राजकुमार सिंह, राजेंद्रसिंह सिसोदिया, जितेंद्रसिंह पवार, ओमप्रकाश माली, रितेश शर्मा, उमेश पांडे और करण सिंह पवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और 21 मार्च को पुलिस ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया था। अब गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में से 8 को सोमवार को जमानत मिल गई, जबकि दो आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी थी। हालाँकि इस मामले में अभी भी चार आरोपी— आशीष शर्मा, दीपक मित्तल, पंकज शर्मा और विजेंद्र यादव— पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
जानकारी के अनुसार, आरोपियों की ओर से पेश हुए वकील वीरेंद्र शर्मा ने कोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने तर्क दिया कि— “पुलिस ने इस पूरे मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की थी, बल्कि बिना किसी फरियादी के, सिर्फ मोबाइल डाटा के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस बना दिया गया!” इन दलीलों के बाद, कोर्ट ने विनोद चौकसे, राकेश श्रीवास्तव, अभिषेक भार्गव, राजकुमार सिंह, राजेंद्रसिंह सिसोदिया, ओमप्रकाश माली, रितेश शर्मा और करण सिंह पवार को जमानत दे दी। जबकि इससे पहले उमेश पांडे और जितेंद्र सिंह को हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उनके आदेश अपलोड न होने के कारण वे जेल से बाहर नहीं आ सके थे। अब उम्मीद है कि सोमवार शाम तक सभी 10 आरोपी जेल से बाहर आ जाएंगे।