शिप्रा किनारे सुरमयी शाम के बाद सोमवार तड़के महाकाल की शरण में पहुंची श्रेया घोषाल, कहा – “यह अनुभव शब्दों में बयां करना मुश्किल”

उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
प्रसिद्ध पार्श्व गायिका श्रेया घोषाल सोमवार प्रातः श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुँचीं और भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। भोर की वेला में जब मंदिर का वातावरण घंटा-घड़ियाल, डमरू और मंत्रोच्चार से गुंजायमान था, श्रेया ने नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और गहरी भक्ति के साथ नमन किया। भस्म आरती के दौरान महाकाल का भव्य श्रृंगार, चंदन और भस्म से अलंकृत दिव्य स्वरूप देखकर श्रेया भावुक हो गईं।
गौरतलब है की बीती रात विक्रमोत्सव के अंतर्गत शिप्रा नदी तट पर संगीतमय प्रस्तुति देने के बाद श्रेया सोमवार तड़के महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचीं। वे इस दौरान पारंपरिक साड़ी में नजर आईं, जिससे उनकी भक्ति और भी ज्यादा झलक रही थी।
परिवार संग भगवान महाकाल की विशेष पूजा
- श्रेया घोषाल ने अपने परिवार के साथ भगवान महाकाल की आरती और पूजन भी किया।
- करीब दो घंटे तक वे मंदिर परिसर में रहीं और हर क्षण को आत्मसात किया।
- पूजा-अर्चना के बाद, उन्होंने भगवान महाकाल के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
भस्म आरती के बाद, श्रेया घोषाल ने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा-
“महाकाल के साथ यह अनुभव अविस्मरणीय है, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इतनी सुंदर आरती मैंने पहले कभी नहीं देखी। जिस तरह से भगवान को सजाया गया था, उसे देखकर मेरी आंखों में आंसू और खुशी दोनों थे। मैं दोबारा महाकाल के दर्शन के लिए आऊंगी।”