- संत रविदास जयंती पर उज्जैन में एक साथ जुटे संत और समाज, 2121 दीपकों की रोशनी में जगमगाया शिप्रा तट
- महाकाल मंदिर पहुंचीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष अल्का लांबा, मीडिया से बोलीं महिला कांग्रेस अध्यक्ष— नाम में भगवान जोड़ना काफी नहीं, सवाल ये है कि काम क्या किया जा रहा है
- उज्जैन में शिप्रा आरती को मिलेगा नया स्वरूप, रामघाट को वैश्विक पहचान देने की तैयारी; रोज होने वाली शिप्रा आरती बनेगी धार्मिक पर्यटन का केंद्र
- सुबह की पहली घंटी के साथ खुले महाकाल के पट, भस्म आरती में दिखा राजा स्वरूप
- महाकाल दरबार में भस्म आरती की अलौकिक छटा: सभा मंडप से गर्भगृह तक विधिविधान के साथ संपन्न हुई आराधना, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
शिप्रा नदी में वृद्ध ने लगाई, SDRF जवानों ने बचाई जान; घाट पर ही दी गई CPR
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी बुधवार सुबह एक बड़े हादसे का गवाह बनी। शहर के रामघाट स्थित आरती स्थल पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब करीब 60 वर्षीय एक वृद्ध ने अचानक नदी में छलांग लगा दी। घटना सुबह करीब 11 बजे की बताई जा रही है, जब घाट पर श्रद्धालुओं की हलचल शुरू हो चुकी थी। गहराई अधिक होने और जलस्तर सामान्य से ज्यादा होने के कारण वृद्ध तुरंत ही डूबने लगे।
गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के सतर्क जवान बृजमोहन, राजेंद्र डाबी और सन्नी परमार के साथ स्थानीय तैराक छोटू कहार ने बिना समय गंवाए तत्काल पानी में छलांग लगा दी और वृद्ध को बाहर निकाला। जब उन्हें बाहर लाया गया, तब उनकी सांसें थम चुकी थीं और शरीर पूरी तरह बेहोश था। ऐसे हालात में जवानों ने घाट पर ही सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देकर उनकी जान बचाई। फिर तुरंत एंबुलेंस बुलवाकर उन्हें जिला अस्पताल भिजवाया गया।
होमगार्ड तैराक प्रभारी ईश्वर लाल चौधरी के अनुसार, वृद्ध के होश में न होने की वजह से अब तक उनका नाम और पता सामने नहीं आ पाया है। चूंकि उन्होंने कपड़े पहने हुए ही नदी में छलांग लगाई, ऐसे में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल वृद्ध अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज जारी है।