- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: शेषनाग के रजत मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, उमड़ी आस्था!
- डीआईजी और एसपी की मौजूदगी में उज्जैन में हुई बलवा ड्रिल: जवानों को दिया प्रशिक्षण, सिखाई गई भीड़ प्रबंधन तकनीक
- सूर्य के मीन राशि में प्रवेश से लगेगा मलमास, विवाह-गृहप्रवेश पर एक माह की रोक; इसी अवधि में आएंगे चैत्र नवरात्र
- वीरभद्र जी के कान में स्वस्ति वाचन के बाद सभा मंडप के चांदी के पट खोले गए: रजत शेषनाग मुकुट और मुण्डमाला में सजे बाबा महाकाल, श्रद्धालुओं ने किए दर्शन!
- महाकाल मंदिर में तड़के भस्म आरती: रजत चंद्र और गुलाब माला से सजे बाबा, स्वस्ति वाचन के बाद खुले चांदी के पट!
उज्जैन में रविवार को श्री गुरु अमरदास जी का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा: अमृतसर से पहुंचे हजूरी रागी करेंगे शबद कीर्तन, लंगर प्रसाद और मेधावी छात्रों का होगा सम्मान
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन की पवित्र धरती पर रविवार को सिख धर्म के तीसरे गुरु, श्री गुरु अमरदास जी महाराज का प्रकाश पर्व पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, दूधतलाई में भव्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से संगत शामिल होगी।
इस शुभ अवसर पर विशेष रूप से श्री दरबार साहिब, अमृतसर से पधारे हजूरी रागी भाई गुरदेव सिंह अपनी मधुर वाणी में शबद कीर्तन प्रस्तुत करेंगे। यह कीर्तन कार्यक्रम सायंकाल रात्रि 8 बजे से 9:30 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें गुरु की महिमा का गुणगान किया जाएगा।
समारोह की शुरुआत शाम 7 बजे से रहिरास साहिब और आरती के साथ होगी, जो 7:40 बजे तक चलेगी। इसके पश्चात स्थानीय जत्थों द्वारा 8 बजे तक कीर्तन की सेवा निभाई जाएगी, जिसके बाद भाई गुरदेव सिंह का शबद कीर्तन आरंभ होगा।
गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष सरदार इकबाल सिंह गांधी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम के समापन पर अनंद साहिब, अरदास और फिर गुरु का अटूट लंगर प्रसाद वितरित किया जाएगा। सिख परंपरा के अनुसार, यह लंगर न केवल श्रद्धालुओं के लिए भोजन का आयोजन है, बल्कि गुरु के सेवाभाव और समानता के संदेश को भी सजीव करता है।
इस पावन अवसर पर एक प्रेरणादायक सामाजिक पहल भी की जाएगी। खालसा हायर सेकेंडरी स्कूल के उन मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने बोर्ड परीक्षा में श्रेष्ठ अंक प्राप्त किए हैं। यह सम्मान समारोह युवा पीढ़ी को प्रेरित करने का एक प्रयास होगा, जिससे वे गुरु की शिक्षाओं पर चलकर न सिर्फ आध्यात्मिक रूप से, बल्कि शैक्षणिक रूप से भी आगे बढ़ सकें।