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साल में सिर्फ एक बार! 29 जुलाई को होंगे नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन, कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई विशेष समीक्षा बैठक; भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर एसपी से लेकर महंत तक मैदान में!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
हर वर्ष की तरह इस बार भी उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मन्दिर में नागपंचमी पर्व का विशेष आयोजन भव्य स्तर पर किया जाएगा। इस वर्ष नागपंचमी पर्व मंगलवार, 29 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट 28 जुलाई की मध्यरात्रि 12 बजे से 29 जुलाई की रात्रि 12 बजे तक केवल एक दिन के लिए खोले जाएंगे। साल में केवल एक बार खुलने वाले इन दिव्य पटों के दर्शन के लिए लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।
नागपंचमी पर्व की तैयारियों को लेकर उज्जैन जिला प्रशासन ने पूरी गंभीरता और श्रद्धा के साथ कमान संभाल ली है। इसी कड़ी में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, मन्दिर प्रशासक प्रथम कौशिक, महंत विनीत गिरि की उपस्थिति में एक विशेष बैठक का आयोजन कलेक्टर कार्यालय सभागृह में किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी—लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, पुलिस प्रशासन एवं श्री महाकालेश्वर मन्दिर प्रबंध समिति—की सक्रिय भागीदारी रही।
कलेक्टर सिंह ने विशेष निर्देश दिए कि इस पावन पर्व पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए हर सुविधा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दर्शन मार्ग को व्यवस्थित करने हेतु एयरो ब्रिज की तकनीकी जांच कर उसकी मजबूती का प्रमाण-पत्र लिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। मंदिर परिसर में समुचित साफ-सफाई, श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की व्यवस्था, अस्थायी पेयजल पाइंट, टैंकर की उपलब्धता, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, मोबाइल लॉकर्स और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर जैसी सेवाएं प्राथमिकता पर रहेंगी।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि मुख्य स्थलों—कर्कराज पार्किंग, बड़ा गणेश मंदिर, रुद्रसागर क्षेत्र आदि—पर डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, आपात स्थिति से निपटने हेतु अस्थाई फायर स्टेशन, खोया-पाया और पूछताछ केंद्रों की स्थापना भी की जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मंदिर में तथा इसके बाहरी परिक्षेत्र में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ व्यवस्थित बेरिकेडिंग की जाएगी, ताकि दर्शन मार्ग नियंत्रित और अनुशासित रहे। एयरो ब्रिज और विश्रामधाम के माध्यम से दर्शन की प्रक्रिया को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाया जाएगा।
दर्शन की प्रक्रिया और मार्ग व्यवस्था:
श्रद्धालुओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वाहनों को कर्कराज पार्किंग में पार्क करें। वहां से भील समाज धर्मशाला में जूते उतारकर पंक्तिबद्ध होकर गंगा गार्डन के समीप वाले मार्ग से दर्शन की ओर अग्रसर हों। यह मार्ग चारधाम मंदिर पार्किंग से होते हुए हरसिद्धि चौराहा, रुद्रसागर की दीवार, विक्रम टीला होते हुए बड़ा गणेश मंदिर के सामने से मन्दिर में प्रवेश देता है। दर्शन उपरांत श्रद्धालु एयरो ब्रिज से विश्रामधाम रैंप, मार्बल गलियारे और नवनिर्मित मार्ग होते हुए वापस अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।