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उज्जैन के श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम में 16 अगस्त को धूमधाम से मनेगी जन्माष्टमी: दिल्ली का साधो बैंड संध्या 7 बजे से सुनाएगा भजन-कीर्तन, मिलेगा फलहारी प्रसाद!
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के भैरवगढ़ मार्ग स्थित श्री कृष्ण मित्रविंदा धाम में 16 अगस्त, शनिवार को जन्माष्टमी पर्व बड़े धूमधाम और भक्ति भाव के साथ मनाया जाएगा। मंदिर में सुबह से ही भक्तों के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। सुबह भगवान श्री कृष्ण का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा, जिसके बाद भक्तों को भगवान के दर्शन के लिए दर्शन कक्ष खोले जाएंगे। शाम 5 बजे से मंदिर में सतत दर्शन की सुविधा उपलब्ध रहेगी, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के प्रभु के दर्शन कर सकें।
संध्या 7 बजे से दिल्ली के साधो बैंड द्वारा भजन और कीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी। भक्तों को इस दौरान फलहारी प्रसाद वितरित किया जाएगा। रात्रि 12 बजे मंदिर में भगवान श्री कृष्ण की महाआरती संपन्न होगी। विशेष उत्सव आयोजन के अवसर पर भक्तों को अभिमंत्रित मोर पंख भी वितरित किए जाएंगे, जो भगवान के प्रति भक्ति और मंगलकामना का प्रतीक हैं।
मंदिर के प्रमुख गिरीश गुरु जी के अनुसार, उज्जैन और भगवान श्री कृष्ण का विशेष संबंध है। कहा जाता है कि श्री कृष्ण की बुआ राजाधी देवी उज्जैन की थीं। उज्जैन उनकी शिक्षा स्थली और गुरु सांदीपनी आश्रम का स्थान भी है। इसके अलावा उज्जयिनी के राजा जयसेन की पुत्री मित्रविंदा श्री कृष्ण की पाँचवी पत्नी थीं। इस ऐतिहासिक और धार्मिक संबंध के कारण यह धाम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है।
शिप्रा नदी के किनारे स्थित इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और मित्रविंदा की आकर्षक बैठी हुई प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर परिसर में प्रत्येक वर्ष जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष सजावट और भव्य आयोजन किया जाता है, जिससे भक्तों को आध्यात्मिक अनुभव और दिव्यता का एहसास होता है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे इस पावन अवसर पर भगवान के दर्शन और कार्यक्रम में हिस्सा लें और भक्ति भाव से प्रभु की कृपा प्राप्त करें।